भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार, ८ फरवरी २०१९ को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्विटर पर एक अभियान शुरू किया है, जिसमे पार्टी ने ‘भारत के इतिहास में पहली बार’ टैग के तहत केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लिए गए महत्त्वपूर्ण फैसले तथा उपलब्धियां गिनाना शुरू किया है | इसी क्रम में उपरोक्त ट्विट में यह दावा किया गया है की अब देश के हर गाँव में बिजली पहुंचाई गई है | यह भी कहा गया है की हर सरकारी स्कुल में शौचालय बनाया गया है | साथ ही यह भी दावा है कि अब दुर्घटना बीमा कवर केवल एक रूपये में बनता है |
इस ट्विट के बाद कुछ लोगों ने इन दावों को नकारा है तो कुछ ने सराहा है | नीचे की लिंक पर क्या कुछ कहा गया यह देखा-पढ़ा जा सकता है |
अब…… इन्ही ट्विट से प्रेरित होकर हमने इन दावों की सच्चाई जानने की कोशिश की |
दुर्घटना बीमा कवर
२८ सितम्बर २०१८ को प्रकाशित फ़ायनेन्शिअल एक्सप्रेस ऑनलाइन की खबर में यह बात स्प्ष्ट की गई है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत जुलाई २०१८ तक १३.७४ करोड़ लोग जुड़ गए थे | मई २०१५ में यह योजना अमल में आई जो मात्र १२ रूपये सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा प्रदान करती है | इससे इस बात की पुष्टि हो जाती है कि यह योजना ठीक से अमल हो रही है |
मगर क्या बाकी दोनों दावे सही है? पार्टी ने तो इन दावों की पुष्टि के लिए अधिकारिक तौर पर न तो कोई स्रोत दिया है और न ही कोई आंकड़े दिए | फैक्टक्रिसेंडोने इसकी पड़ताल की | जाने, क्या है सच….
क्या अब देश के हर गाँव में बिजली पहुंच गई है?

गूगल से इस बात की पुष्टि करते समय टाइम्स ऑफ इंडिया की न्यूज़ वेबसाईट पर यह सबसे ताजा खबर दिखाई पड़ती है | तारीख है १५ जनवरी २०१९ | मौका है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ओडिशा राज्य के बलांगीर-बिछुपाली रेल लाइन की शुरुआत का | २० मकानों वाले इस बिछुपाली गाँव में अभी बिजली पहुंची नहीं है | रिपोर्टर अशोक प्रधान ने खुद गाँव जाकर इस बात की पुष्टि की है | नीचे दी गई लिंक पर पूरी खबर पढ़ी जा सकती है |
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अब बात करते है कुछ आकड़ों की |
२९ अप्रैल २०१८ को प्रधानमंत्री मोदी ने उपरोक्त ट्विट कर कहा था की २८ अप्रैल २०१८ को हमने देश के हर गाँव में बिजली पहुँचाने का वादा पूरा कर दिया | इसके बाद ७ मई २०१८ को सुपर्णा दत्त डिकुन्हा ने फ़ोर्ब्स के अपने सम्पादकीय लेख में इस दावे का परामर्श लेते हुए कहा की यह बात जमीनी तथ्य से परे है | देश के कुल १८४५२ गाँवों में से पिछले साल तक केवल १४१७ गाँवों के सभी घरों तक बिजली पहुँच पाई थी |

बाकि संभावनाएं तथा आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए लिंक पर पूरी स्टोरी पढ़ी जा सकती है |
भारतीय सरकार की डाटा वेबसाइट में भी आखरी आंकड़े ३१/३/२०१७ के हैं जो कि उपरोक्त दावे को खंडित करता है.
अब बारी है हर सरकारी स्कुल में शौचालय की |
टाइम्स ऑफ इंडिया की न्यूज़ वेबसाईट पर इस संदर्भ में सबसे ताजा खबर दिखाई पड़ती है वह है ३ जनवरी २०१९ की | समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से दी गई खबर में खुद सरकार ने संसद में यह जानकारी दी है की देश में २१९७७ सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय बनवाये नहीं गए | हालाँकि यह आंकड़े २०१६-१७ के है | मगर सरकार के पास ताजा आंकड़े नहीं है | जाहिर है निश्चित तौर पर यह कहा नहीं जा सकता की आज की तारीख में सभी सरकारी स्कूलों में बच्चो के लिए शौचालय बनकर तैयार हो |

बाकि संभावनाएं तथा आंकड़ों के लिए नीचे दिए गए लिंक पर पूरी स्टोरी पढ़ी जा सकती है | TOI
भारतीय सरकार की डाटा वेबसाइट में भी आंकड़े हैं जो कि उपरोक्त दावे का समर्थन नहीं करता , जिन्हें विस्तृत में यहाँ पढ़ा जा सकता है.
data.gov.in
तथ्यों की जांच का परिणाम :
भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस ट्विट में जो दावे किए गए है उसका कुछ भी आधार नहीं दिया गया | अतः हमारी जांच में हमने पाया कि जो भी उपरोक्त प्रमाणित मीडिया संस्थानों द्वारा कहा गया है वो सही है, क्योंकि मौजूदा सरकार ने जो आखरी अधिकारिक आंकड़े प्रकाशित किये हैं वो २०१६-२०१७ के हैं, ये दावे सत्यापित करने के लिए कोई अधिकारिक आंकड़े अभी सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं हुए हैं, जिससे इन दावों की पुष्टि की जा सके .
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Title: तथ्य की जांच : #ForFirstTime@BJP- क्या सभी दावे सच है?” Fact Check By: Rajesh Pillewar Result: False |
