
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद, कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम और उत्तर 24 परगना सहित कई ज़िलों से चुनाव के बाद हुई हिंसा की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि BJP और TMC के समर्थकों के बीच हुई झड़पों में लोगों की मौतें हुई हैं, लोग घायल हुए हैं, तोड़फोड़ हुई है और आगजनी की घटनाएँ हुई हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में पश्चिम बंगाल पुलिस मुसलमानों को “बांग्लादेश ज़िंदाबाद” के नारे लगाने के लिए पीट रही है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- बंगाल ने आतंकियों की अब खैर नही, दौड़ा दौड़ा कर कुटा जा रहा है
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में वायरल वीडियो हमें सितंबर 2025 की मीडिया रिपोर्ट्स में मिलीं, इससे यह पुष्टि होती है कि यह वायरल वीडियो 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले का है और चुनाव के बाद हुई हिंसा से इसका कोई लेना-देना नहीं है।

इन रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो उन झड़पों का है जो 26 सितंबर 2025 को “आई लव मुहम्मद” अभियान से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान बरेली में हुई थीं। शुक्रवार की नमाज़ के बाद एक मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से स्थिति और बिगड़ गई,लोग पोस्टर लिए हुए थे और नारे लगा रहे थे। इस जमावड़े के कारण इलाके में तनाव फैल गया और पत्थरबाज़ी की घटनाएँ भी सामने आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस तैनात की गई, और जैसे-जैसे अशांति बढ़ती गई, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए लाठीचार्ज किया।

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें एनडीटीवी इंडिया की वीडियो रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, बरेली में जुम्मे की नमाज के बाद मस्जिद के बाहर काफी हंगामा हुआ था। सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने हाथों में “आई लव मोहम्मद” का पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर लोगों समझाने की , बवाल बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
न्यूज़ रिपोर्ट में, हमने देखा कि “आला हज़रत मस्जिद” लिखा हुआ एक बोर्ड दिखाई दे रहा था। हमने Google पर सर्च किया और लोकेशन का पता लगाया। यह जगह आला हज़रत मस्जिद, भूर, बरेली, उत्तर प्रदेश के ठीक सामने पाई गई। हमने वायरल वीडियो और गूगल मैप का विश्लेषण किया।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, ‘I Love Muhammad’ अभियान के दौरान बरेली में पुलिस कार्रवाई का एक पुराना और असंबद्ध वीडियो, पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा से जोड़कर गलत तरीके से साझा किया जा रहा है।


