
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए कुछ सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि शिक्षा मंत्री ने लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ बयान दिया है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी कहते हैं कि लड़कियों को शिक्षा की ज़रूरत नहीं, उन्हें घर में ही रहना चाहिए। और यही लोग नारी सम्मान की बातें करते हैं। सोचिए, जिनके हाथों में शिक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी है, अगर उनकी सोच ऐसी होगी तो बच्चों और समाज का भविष्य कैसा बनेगा?अपने बच्चों के भविष्य को ऐसे लोगों की संकीर्ण सोच से बचाइए।

अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें न्यूज 4 नेशन के यूट्यूब मिला, तो हमें 9 मई को वहां अपलोड किया गया मिला।करीब 6 मिनट के इस वीडियो में मिथिलेश तिवारी ने बीपीएससी TRE-4 कैंडिडेट्स के आंदोलन और लाठीचार्ज पर मीडिया के सवालों का जवाब दिया था। इसी दौरान एक महिला पत्रकार ने उनसे यह सवाल किया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। इसी के जवाब में मिथिलेश तिवारी ने कहा कि “मैं लाठी चार्ज के पक्ष में नहीं रहता…मेरा कहने का मतलब है जरूरत क्या है एजिटेशन की, हमारे घर की बेटियां, हमारे घर की बेटियां। हमारी शक्ति हैं, हमारी समृद्धि का आधार हैं और उन बेटियों को क्या जरूरत है सड़क पर आने का भाई, जब नारी शक्ति वंदन के लिए मोदी जी खड़े हैं। आपको हक तो ऐसे ही मिल जाएगा। आप इस हिस्से को करीब 3 मिनट 45 सेकंड से लेकर 4 मिनट 10 सेकंड के बीच सुन सकते हैं।

इसके अलावा, हमें बोले भारत के यूट्यूब अकाउंट पर भी 9 मई को अपलोड किए गए वीडियो में मिथिलेश तिवारी का वही बयान मिला,वीडियो के 4 मिनट 45 सेकंड के बिच जिसमें वे कहते सुनाई आ रहे हैं कि “जरूरत क्या है एजिटेशन की, हमारे घर की बेटियां, हमारी शक्ति हैं, हमारी समृद्धि का आधार हैं और उन बेटियों को क्या जरूरत है सड़क पर आने का भाई, जब नारी शक्ति वंदन के लिए मोदी जी खड़े हैं।

इतना ही नहीं, हमें आजतक के यूट्यूब अकाउंट पर 9 मई को अपलोड किए गए वीडियो में भी मिथिलेश तिवारी का वही बयान सुनने को मिला, जो बाकी रिपोर्ट्स में मौजूद है।

कीवर्ड सर्च के दौरान हमें ‘एबीपी न्यूज’ के यूट्यूब चैनल पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का एक इंटरव्यू मिला। 1:50 मिनट की टाइमलाइन पर शिक्षा मंत्री को वायरल वीडियो के प्रश्न का जवाब देते हुए सुना जा सकता है।
वह कहते हैं कि“मुझसे किसी पत्रकार ने पूछा कि बेटियों को भी लाठियां लगी हैं। मैंने कहा कि बेटियों को एजिटेशन करने की जरूरत नहीं है। अब मैंने कहा एजिटेशन और उसको चला रहा है एजुकेशन। मैंने अपनी लीगल टीम को यह सब भेजा है।”

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी द्वारा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत ही क्या है, कहे जाने का वायरल दावा भ्रामक है। उन्होंने एजिटेशन शब्द का ज़िक्र किया था।उन्होंने आंदोलन कर रहीं लड़कियों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल का जवाब देते हुए ‘एजिटेशन’ कहा था। अब लोग इसे ‘एजुकेशन’ बताकर गलत दावे के साथ वायरल कर रहे हैं।


