
राजस्थान के श्री गंगानगर में 13 वर्षीय लड़की के साथ हुए भयावह यौन उत्पीड़न के बाद, पुलिस द्वारा कुछ पुरुषों को सरेआम परेड कराते और पीटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि राजस्थान पुलिस ने श्री गंगानगर सामूहिक बलात्कार मामले के आरोपियों को सार्वजनिक रूप से परेड कराई।
वायरल वीडियो के साथ लिखा गया है- राजस्थान के श्रीगंगानगर से रूह कंपा देने वाली वारदात..13 साल की एक मासूम बच्ची को अगवा कर 5 दिनों तक होटलों में बंधक बनाया गया, जहाँ दरिंदों ने उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। इस घिनौने रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस की SIT ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हैवानियत के ठिकाने बने 3 होटलों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है। पीड़ित बच्ची का इलाज जारी है। कानून से सख्त से सख्त सजा की मांग।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो से मिलता-जुलता वीडियो हमें बर्ट हिंदी द्वारा 20 अप्रैल 2026 को की गई एक फेसबुक पोस्ट पर मिला । इससे ये साफ है कि वीडियो हाल ही का नहीं है।

इस पोस्ट में घटना को गुजरात के खेड़ा जिले में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित तौर पर बार-बार बलात्कार और ब्लैकमेल के मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का बताया गया है।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें दावे से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट ‘deshgujarat’ की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली।
18 अप्रैल 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के खेड़ा जिले के चंदना गांव में पुलिस ने एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ कथित तौर पर तीन साल तक बार-बार यौन शोषण और ब्लैकमेल करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी फरार था।
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच में पाया था कि मुख्य आरोपी परवेज पठान ने लगभग दो साल पहले नाबालिग को “प्यार के जाल” में फंसाया था। फिर उसने नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने अपने कई दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग का दुष्कर्म भी किया।
एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी ने पीड़िता को एक रिश्ते में फंसाया, आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए और उनका इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए किया। पीड़िता द्वारा अपने परिवार को सूचित करने से पहले यह दुर्व्यवहार लंबे समय तक जारी रहा, जिसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पीओसीएसओ अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस का ये वायरल वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का नहीं, बल्कि गुजरात का है। जब अप्रैल 2026 में गुजरात पुलिस ने एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में आठ आरोपियों को पकड़ा था और उनका जुलूस निकाला था।


