CJP विरोध प्रदर्शन के नाम पर वायरल हुआ वीडियो 11 साल पुराना, JNU के ‘किस ऑफ लव’ अभियान का है वीडियो।

False Social

जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन का बताकर शेयर किया गया वीडियो, असल में JNU के 2014 ‘किस ऑफ लव’ अभियान का है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को न केवल देश के अलग-अलग राज्यों से बल्कि विदेशों से भी भारी जनसमर्थन मिल रहा है। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लड़के और लड़कियां नज़र आ रहे हैं जो आपस में एक दूसरे को चूमते हैं। तभी वहां मौजूद भीड़ ताली बजाती है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी सीजेपी प्रोटेस्ट का है। वीडियो के साथ यूज़र ने कैप्शन लिखा है…

रात 2 बजे जंतर मंतर  कॉकरोच प्रोटेस्ट अपने पीक पर होता है ये प्रोटेस्ट नहीं रुकेगा…. युहीं चलेगा.. बढ़ेगा.

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यह वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 12 जनवरी 2020 में अपलोड किया हुआ मिला। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, वीडियो को जेएनयू में आयोजित हुए एक प्रदर्शन “किस ऑफ़ लव” का बताया गया है।

आगे हमें 12 नवंबर, 2014 को एक यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। कैप्शन के अनुसार, यह JNU (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) का है जब ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन की शुरुआत हुई थी। इसी समान जानकारी के साथ एक अन्य यूट्यूब यूज़र ने भी यहीं वीडियो शेयर किया है, जिसमें वीडियो को जेएनयू के ‘किस ऑफ लव’ का ही बताया गया है।

आगे की पड़ताल में हमें पता चला कि ‘किस ऑफ लव’ नाम के एक फेसबुक पेज ने भी 9 नवंबर, 2014 को एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में दिख रही लड़कियां वही हैं जो वायरल वीडियो में नज़र आ रही हैं। पोस्ट के कैप्शन अनुसार, यह प्रदर्शन जेएनयू (JNU) के गंगा ढाबा के पास हुआ था।

वायरल वीडियो के संदर्भ में हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित मिली है। 12 नवंबर 2014 को प्रकाशित बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि, यह प्रदर्शन कोलकाता, हैदराबाद और दिल्ली समेत कई शहरों में आयोजित किया गया था जो मोरल पुलिसिंग के खिलाफ शुरू हुआ था। रिपोर्ट में वायरल वीडियो से जुड़ी तस्वीर को शेयर किया गया है। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की 10 नवंबर 2014 की एक रिपोर्ट में इस घटना का ज़िक्र है। रिपोर्ट में वायरल वीडियो की एक तस्वीर है जिसे एक अलग एंगल से दिखाया गया है। जबकि रिपोर्ट के मुताबिक, जेएनयू के गंगा ढाबा पर ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन के लिए 200 से अधिक छात्र इकट्ठा हुए थे। इस प्रदर्शन में जेएनयू के अलावा दिल्ली यूनिवर्सिटी, जामिया मिलिया इस्लामिया, अंबेडकर यूनिवर्सिटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी हिस्सा लिया था।

न्यूज एजेंसी PTI की 9 नवंबर, 2014 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘किस ऑफ लव’ मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं का एक अनोखा और शांतिपूर्ण आंदोलन था। इसकी शुरुआत अक्टूबर 2014 में केरल के कोच्चि से हुई थी। जहां एक कैफे में कुछ कपल्स के गले मिलने और किस करने का वीडियो सामने आने के बाद इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताकर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की थी। इसी घटना के विरोध में युवाओं ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे को गले लगाकर और चूमकर अपनी आजादी जताने के लिए यह कैंपेन शुरू किया था।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया है जा रहा दावा गलत है। सीजेपी विरोध प्रदर्शन से जोड़कर शेयर किया जा रहा यह वायरल वीडियो असल में 11 साल पुराना है जब जेएनयू के गंगा ढाबा पर ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन की शुरुआत हुई थी। 

Result Stamp

Title: CJP विरोध प्रदर्शन के नाम पर वायरल हुआ वीडियो 11 साल पुराना, JNU के ‘किस ऑफ लव’ अभियान का है वीडियो।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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