सपा प्रमुख अखिलेश यादव की बांके बिहारी मंदिर में दर्शन की तस्वीर पुरानी है।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी विवाद को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वे एक मंदिर परिसर में पूजा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि, अखिलेश हाल में वृंदावन के दौरे पर थें। पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया है…
ब्रेकिंग न्यूज़। अखिलेश यादव जी मथुरा में बांके बिहारी जी के दर्शन करते हुए जय श्री कृष्णा बोलो बांके बिहारी की जय राधा रानी की जय

अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल तस्वीर को गूगल लेंस से चेक किया। परिणाम में हमें यह तस्वीर भास्कर डॉट कॉम की 28 अगस्त 2022 में प्रकाशित एक खबर में मिली। बताया गया था कि, “सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वृंदावन पहुंचे थे। यहां उन्होंने सबसे पहले यहां द ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण से मुलाकात की। इसके बाद वह ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हो गए। उसके बाद देर शाम लखनऊ लौट गए थे।”
फिर हमें अखिलेश यादव के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 29 अगस्त 2022 एक वीडियो अपलोड किया हुआ मिला जो वायरल वीडियो से मेल खा रहा था। हालांकि यहां वीडियो को दूसरे एंगल से दिखाया गया है। साथ ही बताया गया था कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव वृंदावन में बांके बिहारी के दरबार में हाथ जोड़कर पहुंचे थें।
न्यूज़ 18 यूपी/ उत्तराखंड के न्यूज़ रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो के दृश्य दिखाई देते हैं, जिसे 29 अगस्त, 2022 को अपलोड किया गया था। वीडियो के साथ लिखे विवरण के अनुसार, “अखिलेश यादव ने वृंदावन के बांके बिहार मंदिर समेत कई मंदिरों में जाकर बांके बिहारी के दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने लोगों के साथ संवाद भी किया इसके अलावा उन्होंने लोगों के साथ चाट का भी आनंद लिया।”
इस संबंध में हमें जागरण डॉट कॉम पर भी एक खबर मिली, जिसे 28 अगस्त 2022 को प्रकाशित किया गया था। बताया गया कि दिल्ली से सैफई जाते हुए अखिलेश यादव वृंदावन में करीब तीन घंटे रुके थे। वहां उन्होंने मंदिर में दर्शन किए थे।
इसके अलावा हमने इंटरनेट पर संबंधित कीवर्ड्स के जरिए यह जांचने की कोशिश की कि क्या अखिलेश यादव हाल ही में वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर गए थे, लेकिन हमें इस वायरल दावे की पुष्टि करने वाली कोई भी विश्वसनीय खबर नहीं मिली।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो 2022 का है जब अखिलेश यादव बांके बिहारी मंदिर गए थें। वे हाल में वृंदावन नहीं गए हैं इसलिए यह पोस्ट भ्रामक साबित होता है।


