भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का दावा पूरी तरह गलत, वांगचुक ने केंद्र सरकार पर कसा था राजनीतिक तंज।

Missing Context Political

भगवान राम को लेकर सोनम वांगचुक ने नहीं किया कोई धार्मिक अपमान, पुराना वीडियो गलत संदर्भ में वायरल। 

नीट पेपर लीक मामले पर सीजेपी के प्रदर्शन का समर्थन और अनशन करने वाले सामजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें उनको भगवान राम को लेकर एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोनम वांगचुक ने भगवान राम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है और यह वीडियो अभी के दिनों का है। यूज़र ने वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया है…

आपके प्रिय सोनम वांगचुक का प्रभु श्री राम के विषय मे विचार भी सुन लीजिए

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अनुसंधान से पता चलता है कि

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से सम्बंधित कीवर्ड को गूगल सर्च किया। परिणाम में हमें 18 मार्च 2024 की एक एनडीटीवी रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक, सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये ऐसे राम हैं जो सीता को बचा तो लाए, पर घर नहीं ले गए और लद्दाख को उद्योगपतियों के हवाले कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि राम के नाम पर चलने वाली सरकार को अपना वचन निभाना चाहिए।

हमने पाया कि 19 मार्च 2024 को एनडीटीवी इंडिया के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर सोनम वांगचुक का एक इंटरव्यू अपलोड किया गया था। इस वीडियो में लगभग 6 मिनट पर पत्रकार नीता शर्मा उनसे सवाल करती हैं कि प्रधानमंत्री के जम्मू-कश्मीर दौरे के बाद क्या बीजेपी लद्दाख के लोगों का दिल जीत पाई है? खासकर तब, जब दो बार वादे करने के बाद भी वे पूरे नहीं हुए।

इसके जवाब में सोनम वांगचुक कहते हैं, “2019 में जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश (UT) घोषित किया गया था, तब यहां के लोग बेहद खुश थे और बीजेपी ने उनका दिल जीत लिया था। लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि लोगों को लगता है उन्हें ‘आसमान से गिराकर खजूर पर अटका’ दिया गया है। इसे मैं यूं देखता हूं कि यह ऐसे राम निकले जो सीता को रावण से छुड़ाकर तो लाए, लेकिन घर ले जाने के बजाय बाजार में बिकने के लिए छोड़ दिया।”

फिर उन्होंने लद्दाख की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा था कि बिना किसी संवैधानिक संरक्षण के इस संवेदनशील क्षेत्र को उद्योगों और खनन के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाया और कहा कि “अगर सरकार ने वादे न किए होते तो हमें सिर्फ शिकायत होती, लेकिन आज लोगों में आक्रोश है क्योंकि वादा तोड़ा गया है। खुद को राम भक्त कहने वाले और राम मंदिर बनाने वाले क्या राम के आदर्श भूल गए? राम का आदर्श तो है—’प्राण जाए पर वचन न जाए।’ मगर यहाँ वादे करके दो चुनाव जीत लिए गए और अब कहा जा रहा है कि कुछ नहीं मिलेगा, जो करना है कर लो।”

नीट पेपर लीक मामले में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) और देशभर के Gen Z द्वारा किए गए प्रदर्शन का समर्थन करते हुए 26 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे  सोनम वांगचुक ने अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को युवाओं की जीत बताया है। छात्रों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि लगातार अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को मजबूती से उठाया। साथ ही उन्होंने देशभर के उन नागरिकों का भी आभार जताया, जिन्होंने बिना डरे आंदोलन का समर्थन किया और अपनी आवाज बुलंद की।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोनम वांगचुक के इस वीडियो का मौजूदा संदर्भ से कोई संबंध नहीं है। उनका यह वीडियो पुराना है जब साल 2024 में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के दौरान हुए एक आंदोलन में राजनीतिक तंज कसते हुए उन्होंने केंद्र सरकार को राम और लद्दाख को सीता बताया था।

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Title: भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी का दावा पूरी तरह गलत, वांगचुक ने केंद्र सरकार पर कसा था राजनीतिक तंज।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Missing Context

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