असली नहीं है सोनम वांगचुक की टाइम मैगजीन कवर वाली तस्वीर, क्रिएटर ने बताया यह एक डिजिटल आर्टवर्क है।

नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में सुधार को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का चल रहा धरना समाप्त हो गया है। इससे पहले शिक्षाविद् और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक आमरण अनशन कर के इस धरने को अपना पूरा समर्थन दिया था। इसी से जोड़ते हुए इंटरनेट पर सोनम वांगचुक की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें टाइम मैगजीन के कवर पेज पर सोनम की तस्वीर छपी है और उनको एक रेत की घड़ी के अंदर दिखाया गया है। साथ में एक संदेश लिखा है, “समय बीत रहा है, और यह घड़ी उनकी नहीं, हमारी है।” दावा किया जा रहा है कि इस पत्रिका ने अपने कवर पर सोनम के अनशन की तस्वीर को प्रकाशित करके आधिकारिक रूप से समर्थन किया। वायरल पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया है…
विश्व मे चर्चित TIME मैगजीन पत्रिका ने अपने कवर पेज ये तस्वीर लगा कर सोनम वांगचूक को अपना समर्थन दिया है

अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल तस्वीर को गूगल लेंस से चेक किया। परिणाम में हमें इससे जुड़ी एक पोस्ट 14 जुलाई 2026 में की हुई मिली। हमने पाया कि सुजान कादरी नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस तस्वीर को पोस्ट किया गया था। यहां पर तस्वीर के साथ एक डिस्क्लेमर भी है, जिसके अनुसार, यह एक स्वतंत्र कॉन्सेप्ट-आधारित आर्टवर्क है और इसे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बनाया गया था। इसका टाइम मैगजीन से कोई संबंध नहीं है। मैगजीन से प्रेरित लेआउट का इस्तेमाल सिर्फ विज़ुअल डिजाइन के तौर पर किया गया था।

इसके बाद हमने सुजान कुदारी से संपर्क किया, जिनकी तरफ से वायरल दावे का खंडन करते हुए यह बताया गया कि “उनका टाइम पत्रिका से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में स्वतंत्र रूप से यह कलाकृति बनाई थी।“
हालांकि हमारी तरफ से टाइम मैगजीन की वेबसाइट की भी पड़ताल की गई। इसके लिए हमने पिछले तीन महीनों में एशिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रकाशित पत्रिका के हालिया संस्करणों की समीक्षा की। परंतु हमें न तो ऐसी कोई तस्वीर मिली और न किसी भी संस्करण में दिल्ली में सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर कवर स्टोरी प्राप्त हुई। क्यूंकि वास्तव में ऐसा हुआ होता तो पत्रिका आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जानकारी जरूर होती। साथ ही भारतीय मीडिया भी इसे कवर करता।

हां हमें यह पता चला कि टाइम पत्रिका ने 30 अक्टूबर, 2025 को जारी अपनी 100 जलवायु नेताओं की 2025 की सूची में सोनम वांगचुक को शामिल किया था। लेकिन उस समय में भी वायरल तस्वीर जैसी कोई छवि हमें नहीं मिली।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि टाइम मैगजीन के कवर पेज पर सोनम वांगचुक की वायरल तस्वीर असली नहीं है। यह एक आर्टवर्क है और इसका टाइम पत्रिका से कोई संबंध नहीं है।


