जंतर- मंतर पर सीजेपी के किसी प्रोटेस्ट का नहीं है यह वीडियो, बल्कि कोरोना के समय लगे लॉकडाउन का है।

नीट पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन को और बल देने के लिए पिछले दिनों 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया गया था, जिसमें देश केअलग-अलग राज्यों से प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे थें। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था, जिसमें कई लोग घायल हो गए थें। इसी से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल किया गया है,जिसमें एक फ्लाईओवर पर और उसके नीचे बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम नज़र आ रहा है और कतार में खड़ी कई बसें दिख रही हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सीजेपी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे लोगों का है, जिसके कारण दिल्ली की सीमाओं पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए यह कैप्शन लिखा है…
जंतर मंतर के लिए निकले लोग, दिल्ली बॉर्डर जाम।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से की-फ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें हरियाणा यूथ कांग्रेस के आधिकारिक फेसबुक पेज पर यही वायरल वीडियो मिला। यहां वीडियो को 28 मार्च 2020 को पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था, “आज आनंद विहार आईएसबीटी की स्थिति देखकर बेहद हैरानी होती है। हजारों प्रवासी मजदूर, जो काम और भोजन के अभाव में परेशान हैं, मजबूरी में अपने घरों की ओर लौटने के लिए निकल पड़े हैं।वे इस तरह की स्थिति के हकदार नहीं हैं। सरकार को तुरंत कदम उठाते हुए उनके सुरक्षित घर पहुंचने के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए।” इससे इतनी बात तो यही साफ़ होती है कि वीडियो अभी का है ही नहीं।
पड़ताल में हमें मिली द टाइम्स ऑफ इंडिया की 28 मार्च 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना लॉकडाउन के दौरान रोजगार और भोजन की कमी के चलते आनंद विहार बस अड्डे पर हजारों प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों लौटने के लिए जमा हुए थे। इस रिपोर्ट के दृश्य वायरल वीडियो से मेल खाते हैं, जिसमें श्रमिक घर लौटने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस वीडियो का दिल्ली के जंतर- मंतर पर हुए सीजेपी के प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो साल 2020 में कोरोना के समय लगे लॉकडाउन के दौरान का है।


