
अभी हाल ही में 20 जून को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस की रोक के बावजूद “चलो संसद” मार्च निकाला, जिसके कारण झड़पें हुईं, छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, हिंसा हुई और लोगों को हिरासत में लिया गया। इन घटनाक्रमों के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें दावा किया गया है कि युवाओं का एक समूह CJP के विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के समर्थन में इंडिया गेट पर इकट्ठा हुआ था।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- दिल्ली | इंडिया गेट पर जवाबी विरोध प्रदर्शन,युवाओं का एक समूह इंडिया गेट पर इकट्ठा हुआ और उन्होंने दिल्ली पुलिस के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और जंतर-मंतर प्रदर्शनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों के एजेंडे का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के समर्थन में नारे लगाए और कहा, “दिल्ली पुलिस, हम आपके साथ हैं।” यह जमावड़ा राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुए प्रदर्शनों को लेकर जारी विवाद के बीच हुआ है।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में हमें वायरल वीडियो से मिलती हुई तस्वीर ‘अलामी’ नाम की फोटोग्राफी वेबसाइट मिली, जिसमें वही लोग दिख रहे थे जो वायरल क्लिप में थे।जानकारी के अनुसार, यह फोटो 25 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में ली गई थी।इससे पुष्टि होती है कि वायरल वीडियो नवंबर 2025 के इसी विरोध प्रदर्शन का है और इसका CJP के प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है।

इसमें ‘यूथ स्टैंड्स फॉर सोसाइटी’ (YSS) के सदस्य कर्तव्य पथ पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करते हुए दिख रहे हैं। वे दिल्ली पुलिस के प्रति समर्थन जता रहे हैं और कथित माओवादी कमांडर माडवी हिडमा और उसका समर्थन करने वाले समूहों का विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे प्लेकार्ड थे जिन पर लिखा था – “हम दिल्ली पुलिस का समर्थन करते हैं,” “राष्ट्र-विरोधियों को बचाना बंद करो,” “राष्ट्र हिडमा के खिलाफ है,” और “राष्ट्र नक्सलवाद के खिलाफ है।”
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें नवंबर 2025 की कई मीडिया रिपोर्ट मिलीं, जिनमें इसी विरोध प्रदर्शन के बारे में बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रदर्शन इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दो दिन बाद किया गया था।
उस प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों पर मारे गए माओवादी कमांडर माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था।
इस घटना के सिलसिले में 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

आजतक में प्रकाशित खबर के अनुसार YSS के अध्यक्ष सागर पाराशर ने बताया कि संगठन ने दिल्ली पुलिस के समर्थन में और पर्यावरण से जुड़े विरोध प्रदर्शन की आड़ में नक्सली विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिशों की निंदा करने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया था।

निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , CJP के विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ दिल्ली पुलिस के समर्थन में इंडिया गेट पर युवाओं के जमा होने का दावा करते हुए एक पुराना और असंबंधित वीडियो गलत तरीके से शेयर किया गया। जोकि असल में एक पुराने प्रदर्शन का है।


