जंतर- मंतर पर दिल्ली पुलिस द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों की पिटाई का नहीं, बल्कि अन्य मामले का है वायरल वीडियो।

अभी हाल ही में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की तरफ से ‘चलो संसद’ नाम से एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था, जिससे जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें ट्रक के पास मौजूद कुछ महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की व मारपीट को दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो सीजेपी के तरफ से किए गए उसी प्रदर्शन का है, जिसमें पुलिसकर्मी महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट कर रहे हैं। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है…
रुबिका लियाकत यह खबरें नहीं दिखाओगी…दिल्ली पुलिस के जवान लड़कियों और औरतों के साथ मारपीट कर रहे हैं.
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से कीफ्रेम लेकर उसे गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें iamvikasbaliyan नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर यही वायरल वीडियो मिला, जिसे 15 अक्टूबर 2025 को अपलोड किया गया था।वीडियो से साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, “उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित मोहब्बेवाला में एक ट्रक के मकान से टकराने के बाद विवाद हो गया था। हादसे में मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद मकान मालिक महिला ने मुआवजे की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर महिला ने कथित तौर पर ट्रक में आग लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो महिला और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई।“
हमें एबीपी न्यूज़ की वेबसाइट पर 15 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो से संबंधित दृश्य दिखाई देते हैं। जबकि रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में देहरादून के मोहब्बेवाला में एक ट्रक मकान से टकराया, जिससे मकान को काफी नुकसान हुआ। मुआवजे की मांग पर महिला गुस्से में ट्रक जलाने की कोशिश करने लगी। लेकिन बातचीत इतनी बढ़ गई कि महिला गुस्से में आ गई।

15 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित ईटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, “देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में एक ट्रक आशारोड़ी से देहरादून की तरफ जा रहा था। तभी वह बेकाबू हो गया और एक घर की दीवार से टकरा गया। फिर पीड़ित परिवार की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया और उन्होंने ट्रक को आग लगाने का प्रयास किया। ऐसा करने से रोकने पर महिलाओं ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करना शुरू कर दिया।”
पड़ताल में हमने पाया कि इस घटना के वीडियो को एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी 15 अक्टूबर 2025 को शेयर किया गया था। पोस्ट के अनुसार, देहरादून में एक तेज रफ़्तार ट्रक एक मकान से टकरा गया था, जिसके बाद मुआवजे को लेकर विवाद शुरू हुआ और महिला ने गुस्से में आकर ट्रक में आग लगाने की कोशिश की। तभी पुलिस द्वारा रोकने पर महिला और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई थी।
निष्कर्ष
इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। यह वीडियो सीजेपी के प्रदर्शनों से सम्बंधित नहीं है, बल्कि यह देहरादून की एक पुरानी घटना है। जब एक ट्रक के घर से टकराने के बाद मुआवजे को लेकर आक्रोशित महिलाओं ने ट्रक में आग लगाने की धमकी दी थी और पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने पर हाथापाई हुई थी।


