सीजेपी के संस्थापक की पिटाई का नहीं, दिल्ली में डॉग लवर्स के प्रदर्शन का है यह वायरल वीडियो।

False Political

दिल्ली पुलिस द्वारा डॉग लवर्स को हिरासत में लेने का वीडियो सीजेपी के प्रोटेस्ट से जोड़कर भ्रामक दावे से फैलाया जा रहा है।

बीते कुछ दिनों पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने ‘संसद मार्च’ का आयोजन किया था। जिससे जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है।वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को दिखाया गया है जो एक शख्स को बलपूर्वक पकड़े हुए हैं और इनमें से एक पुलिसकर्मी उस शख्स को मुक्के भी मारता है। साथ ही वीडियो में एक महिला की भी आवाज है जो उस शख्स के मरने की बात कह रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उसी संसद मार्च के दौरान का है जहां दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की पिटाई कर दी। वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया जा रहा है…

ये बीजेपी की तानाशाही खुलेआम की जा रही है अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा मारा पीटा जा रहा है सत्ता के नाम पर बैठने वाले गुंडे सिस्टम को ना ठीक कर करके जनता पर अत्याचार कर रही है

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। परिणाम में हमें the hindu के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट मिली। इसे 16 अगस्त 2025 को शेयर किया गया था। पोस्ट में मौजूद जानकारी के मुताबिक, यह डॉग लवर्स द्वारा किए गए प्रदर्शन की घटना है। इस पोस्ट में उस व्‍यक्ति की भी तस्वीर है जो वायरल वीडियो में नज़र आ रहा है। इससे इतना यहीं साफ़ हो जाता है कि वीडियो सीजेपी के प्रदर्शन का है ही नहीं। 

फिर हमें वायरल वीडियो से मेल खाता हुआ वीडियो streetsdogsofbombay नाम के इंस्टा अकाउंट पर मिला, जिसे 16 अगस्त 2025 को अपलोड किया गया था। पता चलता है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को दिल्ली से हटाकर शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था। जिससे नाराज होकर डॉग लवर्स ने प्रदर्शन किया था। वायरल वीडियो उसी प्रदर्शन के दौरान का है।

एक अन्य इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी 16 अगस्त 2025 में ऐसा ही वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें सीजपी के किसी प्रदर्शन का जिक्र नहीं, बल्कि डॉग लवर्स के प्रदर्शन की ही जानकारी दी गई है।

हमारी पड़ताल में सामने आया कि न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने भी इस प्रदर्शन का एक वीडियो जारी किया था। इसके साथ दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। पीटीआई के वीडियो और वायरल वीडियो को देखने पर पता चलता है कि दोनों में कुछ पुलिसकर्मी एक जैसे ही नजर आ रहे हैं।

दरअसल पिछले साल अगस्त 2025 में पहले कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था, जिसके विरोध में दिल्ली के कनॉट प्लेस में सैकड़ों डॉग लवर्स ने प्रदर्शन किया। इस विरोध के बाद कोर्ट ने अपने फैसले में सुधार करते हुए कहा कि स्वस्थ आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में बंद करने की जरूरत नहीं है। जो कुत्ते पहले से वहां हैं, उन्हें भी नसबंदी और टीका लगाकर तुरंत आजाद किया जाएगा। अब शेल्टर होम में सिर्फ बीमार और खतरनाक कुत्तों को ही रखा जाएगा।

निष्कर्ष 

इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। यह वीडियो सीजेपी के संसद मार्च के किसी भी प्रदर्शन से सम्बंधित नहीं है। यह अगस्त 2025 का वीडियो है जब दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे डॉग लवर्स को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

Result Stamp

Title: सीजेपी के संस्थापक की पिटाई का नहीं, दिल्ली में डॉग लवर्स के प्रदर्शन का है यह वायरल वीडियो।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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