
सोशल मीडिया पर एक 47 सेकेंड का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में डीसीपी सुमित झा कथित तौर पर तत्काल प्रभाव से इस्तीफे की घोषणा करते और यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि “मुझ पर छात्र प्रदर्शनों के बारे में झूठ बोलने और उन्हें अपराधी बताने का दबाव डाला जा रहा है। मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं रह सकता, इसलिए अब सरकार के साथ नहीं बल्कि छात्रों के साथ हूं। वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा ने छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में अपने पद से से इस्तीफा दे दिया है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- DCP Sumit Jha का इस्तीफा! ‘अब झूठ नहीं बोल सकता!’ दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा ने इस्तीफा दे दिया है! उन्होंने कहा— “मुझे छात्र विरोध प्रदर्शनों पर झूठ बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है, मैं यह अब और नहीं कर सकता। मैं इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं अब झूठ नहीं बोल सकता।”छात्रों के आंदोलन पर सच दबाने की कोशिशों का यह सबसे बड़ा खुलासा है! आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में बताएं!
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो से मिलता-जुलता वीडियो हमें डीडी न्यूज के एक्स अकाउंट पर मिला। यहां पर वीडियो 23 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया है।
इस वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान से संचालित होने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी देते हुए कहा था कि 400 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल्स फर्जी और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं।
उनका मकसद छात्रों का ध्यान भटकाना है। इसलिए अपील है कि किसी भी पोस्ट को शेयर करने से पहले फैक्ट चेक करें और किसी के बहकावे में न आएं। इस वीडियो में उन्होंने कहीं भी अपने इस्तीफे की बात नहीं की थी।
हमने वायरल वीडियो और हमें मिले वीडियो का विश्लेषण किया। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि वीडियो एडिटेड है।
इसके अलावा हमें दिल्ली पुलिस के X अकाउंट द्वारा 23 जुलाई 2026 को साझा किया गया मूल वीडियो मिला। मूल वीडियो में, डीसीपी सुमित झा ने छात्रों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे एक कथित विदेशी दुष्प्रचार अभियान के बारे में बात की।
मूल वीडियो में कहीं भी डीसीपी सुमित झा ने अपने इस्तीफे का जिक्र नहीं किया है और न ही यह दावा किया है कि सरकार ने उन पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े छात्र प्रदर्शनकारियों के बारे में झूठ बोलने का दबाव डाला था।
इसके अलावा, हमें दिल्ली पुलिस द्वारा 26 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक और पोस्ट मिली , जिसमें वायरल वीडियो का खंडन किया गया है।
इस पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के कारण डीसीपी सुमित झा के इस्तीफे का दावा करने वाला वायरल वीडियो फर्जी और कृत्रिम रूप से बनाया गया है।
इसमें आगे कहा गया है कि असली फुटेज में अधिकारी सक्रिय दुष्प्रचार अभियानों के बारे में जनता को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं और लोगों से संपादित क्लिप को साझा न करने का आग्रह किया गया है, इसे एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा बताया गया है।
मिली जानकारी के आधार पर अधिक सर्च करने पर हमें मीडिया रिपोर्ट्स भी मिली, जिसमें डीसीपी सुमित झा द्वारा मूल वीडियो में दी गई जानकारी के बारे में बताया गया है।
इन रिपोर्टों में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने छात्रों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे समन्वित दुष्प्रचार अभियानों में शामिल पाकिस्तान स्थित 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की और उन्हें ब्लॉक कर दिया।

निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि ,इस वीडियो में मौजूद ऑडियो एआई जेनरेटेड है। असल वीडियो में दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा ने छात्र आंदोलन को लेकर भ्रामक ख़बरें फैलाने वाले पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया हैंडल्स की जानकारी दी थी।


