पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान  मोदी को झालमुरी परोसने वाला व्यक्ति एसपीजी कमांडो नहीं , दावा फेकहै..

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पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सड़क किनारे एक झालमुड़ी वाले के पास झालमुड़ी खाने पहुंचे थे। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया एक कोलाज शेयर कर दावा किया जा रहा हैं कि जिस दुकानदार ने पीएम को झालमुड़ी बनाकर खिलाया, वह वास्तव में कोई दुकानदार नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात रहने वाले एसपीजी का ही एक जवान था।

वायरल पोस्ट के साथ लिखा है- प्रधानमंत्री ने रोड शो के दौरान बंगाल में जिस दुकान पर जाकर झुल मुढ़ी खरीद कर खाया था, वो दुकानदार असल में PM की सुरक्षा में लगा एसपीजी जवान था

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अनुसंधान से पता चलता है कि…  

 पड़ताल की शुरुआत में हमने  गूगल पर कीवर्ड सर्च किया और झालमुरी विक्रेता के साक्षात्कार वाली कई मीडिया रिपोर्ट मिली। इन खबरों में उन्होंने अपना नाम विक्रम साहू बताया, जो मूल रूप से बिहार के गया के रहने वाले हैं। साहू ने बताया कि उन्होंने कक्षा 9 तक पढ़ाई की, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। वे प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,200 रुपये कमाते हैं और अपने माता-पिता, सुनीता देवी और उत्तम साहू सहित अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें न्यूज 24ऑनलाइन’ की रिपोर्ट मिली। खबर के मुताबिक, झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री एक दुकान पर रुके और वहां की झालमुड़ी का आनंद लिया। झालमुड़ी बेचने वाले व्यक्ति का नाम विक्रम साहु है, जो बिहार के रहने वाले हैं। वह 9वीं तक पढ़े हैं और उन्होंने बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक आने की जानकारी मुझे नहीं थी।

हमें न्यूज एजेंसी आईएएनएस’ के वीडियो मिले, जिनमें दुकानदार ने अपना नाम और अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि समेत पीएम के दुकान पर आने के अनुभव के बारे में बताया है। इन सभी रिपोर्ट्स में नजर आ रहे विक्रम साह की तस्वीरों की विजुअल एनालिसिस यह साफ कर देती है कि वे और इन्फोग्राफिक में एसपीजी की वर्दी में नजर आ रहा व्यक्ति अलग- अलग हैं।

झालमुरी विक्रेता एक SPG अधिकारी है या नहीं, इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो में दिख रहे दुकान के नंबर पर कॉल किया। ये नंबर विक्रम साहु का था। उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने ही 19 अप्रैल को पीएम मोदी से बातचीत की थी । मैं यहां चार साल से ज़्यादा समय से दुकान चला रहा हूं। मैं कभी भी आर्म्ड फ़ोर्स या इस तरह की किसी चीज़ में नहीं रहा। दुकानदार ने आगे कहा, “वो बिहार के गया के रहने हैं और वायरल हो रहा दावा झूठा है। 

अंत में हमने वायरल वीडियो में दिख रहे शख्स और खबरों में दिख रहे शख्स के तस्वीरों का विश्लेषण किया। पूरी तरह से स्पष्ट हुआ कि दोनों  ही शख्स अलग हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक हैंडल से भी कुछ तस्वीरों को शेयर किया गया है। इनमें वह दुकानदार और वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों के साथ नजर आ रहे हैं।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, पीएम मोदी को झालमुड़ी परोसते हुए देखा गया व्यक्ति झाड़ग्राम का एक स्थानीय विक्रेता विक्रम साहू है, न कि एसपीजी कमांडो।

Result Stamp

Title: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी को झालमुरी परोसने वाला व्यक्ति एसपीजी कमांडो नहीं , दावा फेक है..

Fact Check By: Sarita Samal

Result: Misleading

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