
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 2029 के आम चुनाव से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया। यह बिल महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाया गया था। अब इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसमें कुछ लोगों को सैनिटरी पैड फाड़ते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि सपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जामा मस्जिद के सामने सैनिटरी पैड फाड़कर महिला आरक्षण का विरोध किया।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- महिला आरक्षण बिल के विरोध में सपाह-ख़ांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने झामा मच्जिद के सामने “सैनिटरी पैड” फाड़कर प्रदर्शन किया..जुम्मे के दिन किसी ने अफवाह फैला दी कि ये बिल इछ्लाम के खिलाफ है। जालिमों ने मुँह से ही सैनिटरी पैड फाड़ डाले।”
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें अक्टूबर 2023 के एक एक्स पोस्ट में मिला।
इससे ये साफ है कि वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है। पाकिस्तान में इजरायल के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है।

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें LS News नाम के एक पाकिस्तानी लोकल न्यूज आउट्लेट पर भी ये वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। इस आउटलेट ने 15 अक्टूबर 2023 को ये वीडियो फेसबुक पर पोस्ट किया हुआ।
पोस्ट के मुताबिक पेशावर में लोगों ने फिलिस्तीन के समर्थन में एक मार्च निकाला था। लोग इजरायल के खिलाफ नारे लगाते भी सुने जा सकते हैं। निम्न में वीडियो देखें।
13 अक्टूबर की वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक जमात-ए-इस्लामी ने पेशावर में फिलिस्तीन के समर्थन में और इजरायल के खिलाफ एक रैली निकाली थी। उस वक्त पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में इस तरह की रैलियां निकाली गईं थीं।
महिला आरक्षण बिल पर सपा-कांग्रेस का क्या रुख?
संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने के बाद राजनीतिक गहमागहमी बढ़ गई है। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक खारिज हो गया। इस बिल के जरिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। बिल 2029 के चुनावों से लागू होने वाला था। लेकिन जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिलने से यह बिल पास नहीं हो सका।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, महिला आरक्षण बिल पर विवाद के बीच वायरल वीडियो भारत का नहीं बल्कि 2023 का पाकिस्तान का वीडियो है। इसलिए वायरल दावा गलत साबित होता है।


