
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षाबल के जवानों को आम लोगों पर लाठी चलाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बंगाल में चुनाव के दौरान सुरक्षाबल के जवानों ने लोगों पर बल प्रयोग किया।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- अगर चुनाव का मतलब ही ये रह जाए कि जनता को प्रशासन के डंडों से दबाया जाए, आवाज़ उठाने वालों को प्रताड़ित किया जाए —तो ऐसे चुनाव लोकतंत्र नहीं, सिर्फ एक दिखावा बनकर रह जाते हैं।चुनाव जनता की ताकत का पर्व है, डर और दमन का नहीं।अगर लोगों की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी नहीं दी जा सकती,तो ऐसे चुनाव कराने का क्या औचित्य है साहब?
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमने पाया कि गाड़ी की नंबर प्लेट पर बंगाली अंक लिखे थे। भारत में, गाड़ियों की रजिस्ट्रेशन प्लेट पर अंग्रेज़ी (रोमन) अक्षर इस्तेमाल होते हैं, जिससे यह पता चलता है कि यह वीडियो शायद पश्चिम बंगाल का नहीं है।

निम्न में बांगलादेश की गाड़ी नंबर का सैंपल देखा जा सकता है, जो की वायरल वीडियो के साथ मेल खाते हैं।

हमें यहीं वीडियो 15 फरवरी 2026 को एक बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट, ‘Law TV’ के Facebook अकाउंट पर अपलोड किया हुआ मिला। ये वीडियो यहां 15 फरवरी को पोस्ट किया गया था। जाहिर है कि ये हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल चुनाव से संबंधित नहीं हो सकता है। बांग्लादेश में 12 फरवरी को 13वां आम चुनाव हुआ था। वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि एक चुनावी बूथ के पास बाहरी लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। इसी भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाबलों ने हल्का बल प्रयोग किया था।
वायरल वीडियो पर ‘Law TV’ का लोगो लगा हुआ है। इस आधार पर हमने ‘Law TV’ के यूट्यूब चैनल को चेक किया। इसकी लोकेशन बांग्लादेश दी गई है।

चुनाव आयोग ने 15 मार्च 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया था। मतदान 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को दो चरणों में हुआ।
निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, वायरल हो रहे वीडियो का पश्चिम बंगाल चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। ये बांग्लादेश का वीडियो है।


