मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीजेपी में शामिल होने का वीडियो असम का है बंगाल का नहीं।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत और नई सरकार के गठन के बाद तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विद्रोह तेज हो गया है। पार्टी विरोधी बयानों के चलते टीएमसी ने हाल ही में अपने तीन प्रवक्ताओं को निलंबित कर दिया। बंगाल के इसी सियासी घटनाक्रम से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को बीजेपी का पटका पहन कर किसी दफ्तर से बाहर निकलते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बंगाल का है जहां मुस्लिम समुदाय के लोग टीएमसी का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है…
BJP मे घुसपेठ शुरू हो चुकी है पहले बांग्लादेश से बंगाल मे घुसपेठ, अब BJP में इसको रोकना होगा वरना BJP और TMC में कोई अंतर नहीं रहेगा।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम लिए और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से खोजना शुरू किया। परिणाम में हमें वायरल वीडियो का लंबा संस्करण Ee Sanje News नाम के फेसबुक अकाउंट पर मिला। यहां पर वीडियो को 27 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, वीडियो असम का है जब बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल की उपस्थिति में मुस्लिम समुदाय के कई लोग बीजेपी के साथ जुड़े थे।
आगे हमें इसी वीडियो का दूसरा वर्जन Shaharuk Hussain और असम लाइव 24 नाम के एक फेसबुक पेज पर अपलोड किया हुआ मिला। यहां पर वीडियो को 27 मार्च 2026 को असम का बता कर शेयर किया गया है।
खोज में आगे पड़ताल करते हुए हमें News18 Assam/Northeast व Asom Live 24 की तरफ से इसी वीडियो का वर्जन शेयर किया हुआ मिला। 26 मार्च 2026 को वीडियो पोस्ट करते हुए इस असम का ही वीडियो बताया गया है जो पाथारकान्दी विधानसभा क्षेत्र का है।
आगे हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर भी मिली। इस पोस्ट को 26 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। इसमें वायरल वीडियो से जुड़ी कई तस्वीरें देखी जा सकती है। वहीं पोस्ट के मुताबिक, असम के पाथारकान्दी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल की मौजूदगी में कई लोग पार्टी में शामिल हुए थें। कृष्णेंद्र पाल 125 पथारकंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
इसलिए हम कह सकते हैं कि वायरल वीडियो का संबंध पश्चिम बंगाल से नहीं है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से पता चलता है कि असम के वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर भ्रामक दावे से साझा किया जा रहा है। वायरल वीडियो विधानसभा चुनाव से पहले का है, जब बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल की मौजूदगी में कई लोग पार्टी में शामिल हुए थें।


