रांची छात्र आंदोलन से जोड़ कर वायरल हो रहा वीडियो, असल में 23 जुलाई की राजनीतिक झड़प का है।

Misleading Political

वर्तमान छात्र प्रदर्शन के नाम पर वायरल हो रहा है भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आपसी भिड़ंत का वीडियो।

अभी हाल ही में रांची में 10 अगस्त को JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का बड़ा प्रदर्शन हुआ, जहां पुलिस ने आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन छोड़े। इसी से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है जिसमें कुछ लोग दमकल गाड़ी के ऊपर से पत्थर फेंक रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह हालिया छात्र आंदोलन का दृश्य है, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन को अपने कब्जे में लेकर पुलिस पर पथराव किया। वायरल वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है…

रांची झारखंड में एक हाथ में बीजेपी का झण्डा, दूसरे हाथ में पत्थर, क्या यही छात्र हैं क्या यह छात्रों का विरोध प्रदर्शन है? छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी राजनीतिक दल का झंडा क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है? भाजपा के अंधभक्तों ने छात्र आंदोलन को हाईजैक कर लिया और उसका राजनीतिकरण कर दिया है!

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें समाचार एजेंसी IANS के एक्स अकाउंट पर 23 जुलाई 2026 को पोस्ट किया गया इसी घटना का वीडियो मिला। इसके मुताबिक, नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अंडे और टमाटर फेंके थें। साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की थी।

इसके बाद हमें 23 जुलाई 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट मिली। यहां विस्तार से बताया गया है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस कार्यकर्ता नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भाजपा दफ्तर का घेराव करने पहुंचे। देखते ही देखते दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। शुरुआत में जमकर नारेबाजी और धक्का-मुक्की हुई, जो बाद में पथराव, अंडे और टमाटर फेंकने में बदल गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। इस पूरी घटना में एक मीडियाकर्मी के भी चोटिल होने की खबर थी।

इस बारे में हमें रांची अपडेट्स नाम के एक एक्स अकाउंट पर 23 जुलाई 2026 को किए गए पोस्ट में वायरल वीडियो वाली तस्वीरें मिलीं। पोस्ट के मुताबिक, रांची के हरमू रोड स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय के बाहर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गया। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अंडे, टमाटर और पत्थर फेंके गए थें तथा कई पुलिसकर्मी, सुरक्षाबल के जवान, मीडियाकर्मी और दोनों पक्षों के कार्यकर्ता घायल हो गए थें।

इसी तरह पब्लिक ऐप पर 23 जुलाई 2026 को अपलोड किए गए वीडियो में वायरल वीडियो वाले दृश्य दिखाई देते हैं। जिसके साथ शीर्षक में लिखा था, “कांग्रेस द्वारा भाजपा कार्यालय घेराव के दौरान भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक टमाटर फेकते हुए।”

इससे काफी हद तक साफ़ होता है कि वायरल वीडियो किसी छात्र आंदोलन का नहीं, बल्कि रांची में हुए राजनीतिक प्रदर्शन का हिस्सा है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो जुलाई का है जब, रांची में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की आपस में भिड़ंत हो गई थी। उसी समय के वीडियो को झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान की फर्जी घटना बताकर भ्रामक रूप में फैलाया जा रहा है। 

Result Stamp

Title: रांची छात्र आंदोलन से जोड़ कर वायरल हो रहा वीडियो, असल में 23 जुलाई की राजनीतिक झड़प का है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Misleading

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