
इन दिनों सावन के महीने में कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। जिससे जोड़ते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सीआरपीएफ के एक जवान को पीटते हुए दिखाया गया है। वीडियो में कथित तौर पर कांवड़ियों का एक समूह रेलवे स्टेशन पर सीआरपीएफ के जवान पर हमला करता है। दावा किया जा रहा है यह घटना हाल-फिलहाल की है। कुछ कांवड़ियों ने एक फौजी के साथ मारपीट की है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- कांवड़ियों ने फौजी को पीटा जिनकी वजह से हम सुरक्षित हैं वह आज इन अंध भक्तों से सुरक्षित नहीं
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में हमें 20 जुलाई 2025 को हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट मिली, जिसमें हमने वायरल वीडियो से मेल खाते हुए दृश्य नज़र आये। इससे ये साफ है कि वीडियो हाल का नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर कांवड़ियों के एक समूह ने सीआरपीएफ के एक जवान पर हमला कर दिया। बताया जाता है कि यह झड़प ट्रेन टिकट को लेकर हुए विवाद के चलते शुरू हुई थी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब कांवड़ियों ने कथित तौर पर सीआरपीएफ जवान को जमीन पर पटक दिया और आसपास खड़े लोगों के सामने उसे बार-बार लात मारी।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर वीडियो से जुड़ी एक रिपोर्ट NDTV के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिली।
इस वीडियो रिपोर्ट को 19 जुलाई 2025 को पोस्ट किया गया था। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो मिर्जापुर में हुई एक घटना का है। उन्होंने आगे बताया कि कांवड़ियों ने सिपाही को जमीन पर गिराने के बाद भी उस पर हमला जारी रखा । इसके बाद रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और सात कांवड़ियों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना का विस्तृत विवरण देते हुए पीटीआई की एक रिपोर्ट में सरकारी रेलवे पुलिस इंस्पेक्टर राघवेंद्र के हवाले से कहा गया है कि मौके पर तैनात जीआरपी कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया।

वहीं IndiaTV की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, जवान का नाम गौतम था और कहासुनी के बाद कांवड़ियों ने उनके साथ मारपीट की थी।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
निष्कर्ष – तथ्यों की जांच से यह पता चलता है कि इस वीडियो को गलत संदर्भ के साथ साझा किया जा रहा है। असल में यह घटना जुलाई 2025 में घटित हुई थी। इसका अभी चल रही वर्तमान कांवड़ यात्रा से कोई संबंध नहीं है।


