महिला पुलिसकर्मी के प्रेग्नेंट होने की झूठी अफवाह, दिल्ली पुलिस ने किया स्पष्ट महिला न तो शादीशुदा है और न ही गर्भवती है।

नीट (NEET) परीक्षा विवाद को लेकर बीते दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से संसद मार्च का आयोजन किया गया था। इस दौरान मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस बलों के बीच तीखी झड़प हुई थी। इसी से जोड़ते हुए एक महिला पुलिसकर्मी की तस्वीर वायरल हो रही है जो बेसुध हालत में है और उसे कुछ अन्य महिला पुलिसकर्मी उठा रही है। तस्वीर को बेहद ही संवेदनशील बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान यह महिला पुलिस अधिकारी घायल हो गई थी जिसके चलते वे अपने अपने अजन्मे बच्चे को खो बैठी। पोस्ट को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…
बड़े अफ़सोस की बात है…जंतर–मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच घायल हुई गर्भवती महिला पुलिस अधिकारी के अजन्मे बच्चे को नहीं बचाया जा सका। बताया जा रहा है कि एक महिला पुलिस को पत्थर लगा था..वह चार महीने की गर्भवती थीं और डॉक्टरों का कहना था कि उनके होने वाले बच्चे को बच पाना बहुत मुश्किल है…महिला पुलिस अधिकारी के पति ने आरोप लगाया है कि अभिजीत दिपके और उनके साथियों के भड़काऊ संदेशों ने हालात बिगाड़े, जिसकी कीमत एक अजन्मे बच्चे को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल तस्वीर का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यही तस्वीर उदयवाणी की वेबसाइट पर छपी एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट 20 जुलाई को प्रकाशित हुई थी। तस्वीर का क्रेडिट न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिया था। वहीं रिपोर्ट में बताया गया था कि चलो संसद मार्च के दौरान 50 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए थें और 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि,यह झड़प तब शुरू हुई जब कथित तौर पर सीजेपी प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके थें, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया था। पर इस रिपोर्ट में किसी भी महिला पुलिसकर्मी के अजन्मे बच्चे की मौत का जिक्र नहीं किया गया था।

यहीं तस्वीर हमें 24 जुलाई 2026 को छपी आजतक की रिपोर्ट में भी मिली। इसमें बताया गया था कि 20 जुलाई को हुई हिंसा के दौरान पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई थी। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह की चोटिल तस्वीर भी साझा की गई है। लेकिन कहीं भी वायरल तस्वीर में बेसुध महिला पुलिसकर्मी के गर्भपात होने की खबर नहीं लिखी थी।
और पड़ताल करते हुए हमें दिल्ली पुलिस की तरफ से 24 जुलाई, 2026 को किया हुआ एक एक्स पोस्ट मिला। इसमें वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया गया था कि ये पुलिसकर्मी, जंतर मंतर में भगदड़ जैसी स्थिति की वजह से बेहोश हो गई थी। न तो उसकी शादी हुई है और न ही वो गर्भवती थी।
दिल्ली पुलिस ने खंडन वाला यह पोस्ट अपने इंस्टा और फेसबुक पर भी शेयर किया गया है। स्पष्ट किया गया है कि यह महिला पुलिसकर्मी, जंतर मंतर में भगदड़ जैसी स्थिति की वजह से बेहोश हुई थी। सोशल मीडिया पर चल रही ये खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। दिल्ली पुलिस के हवाले से यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित महिला अधिकारी न तो शादीशुदा हैं और न ही गर्भवती हैं। वो प्रदर्शन के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में चोटिल होने की वजह से घायल हो गई थी।


