उत्तराखंड का दो साल पुराना वीडियो असम में आई बाढ़ के नाम पर फर्जी दावे से वायरल।

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जन-जीवन पटरी से नीचे उतार दिया है। ऐसे में सबसे ज्यादा असम के हालात खराब है जहां बाढ़ लोगों के लिए भारी मुसीबत बनी हुई है। बाढ़ के कारण करीब 1.3 लाख लोग प्रभावित हैं। तो वहीं, अब तक 87 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। जिसमें कुछ लोग पानी में डूबते लोगों को बचाने के लिए कूद जाते हैं। दावा किया जा रहा है यह असम में आई बाढ़ के दौरान का दृश्य है। यूज़र ने वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया है…
असम में बाढ़ का पानी जानलेवा रूप ले चुका है और प्रकृति ने अपना असली रूप दिखा दिया है। बचाव दल उग्र जलधाराओं में फंसे लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर उसे रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें उत्तराखंड पुलिस के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। 27 जुलाई 2024 को शेयर किए गए इस वीडियो के साथ विवरण लिखा था, “कांगड़ा घाट, हरिद्वार पर गंगा की तेज लहरों में बह रहे शिवभक्त को #UttarakhandPolice SDRF जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बचा लिया।” मतलब की यह वीडियो दो साल पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है।
इसी समान जानकारी के साथ हमें यह वीडियो उत्तराखंड पुलिस के एक्स अकाउंट से भी 26 जुलाई 2024 को अपलोड किया हुआ मिला। बताया गया था कि, वीडियो हरिद्वार के कांगड़ा घाट का है, जहां गंगा की तेज लहरों में बह रहे एक शिवभक्त को SDRF के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल बचाया।
हमें साक्ष्य के रूप में जो वीडियो मिले, उसमें साफ़-साफ़ कांगड़ा पुल लिखा हुआ दिखाई देता है। साथ ही एसडीआरएफ के जवानों ने अपने सर पर जो कैप पहन रखा है, उसमें भी उत्तराखंड पुलिस लिखा हुआ दिख रहा है। इसलिए स्पष्ट होता है कि वीडियो असम का है ही नहीं।

इस बारे में हमें एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से संबंधित रिपोर्ट देखने को मिली, जिसे 25 जुलाई 2024 को अपलोड किया गया था। इसके अनुसार, हरिद्वार में गंगा नदी में डूब रहे 13 कांवड़ियों की SDRF टीम ने जान बचाई थी।
इसके साथ ही हमें 23 जुलाई 2024 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट मिली। जिसके अनुसार, हरिद्वार में एसडीआरएफ ने छह कांवड़ यात्रियों को गंगा में डूबने से बचाया। रिपोर्ट में पुलिस आधिकारी के बयान के मुताबिक एसडीआरएफ की टीम ने कांगड़ा घाट, बैरागी कैंप आदि घाटों पर डूब रहे छह कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया था।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वायरल वीडियो दो साल पुराना है जब उत्तराखंड के हरिद्वार में डूबते कांवड़िए को SDRF ने बचाया था। उसी वीडियो को असम में अभी आई बाढ़ के दौरान की घटना के रूप में फर्जी दावे से शेयर किया जा रहा है।


