दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से नहीं है इस वीडियो का संबंध, यूपी के फर्रुखाबाद की है पुरानी घटना।

False Social

यूपी में स्कूली छात्रों की पिटाई का वीडियो, दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज का बताकर वायरल।

दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प के बाद इंटरनेट पर फर्जी दावों की बाढ़ सी आ गई है। इसी संदर्भ में  घायल बच्चों का एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें कुछ बच्चे घायल अवस्था में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में कुछ पेरेंट्स भी है जो बच्चों पर हुए हमले को लेकर रोष जता रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बच्चों पर किए गए लाठीचार्ज से सम्बंधित है। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है…

दिल्ली पुलिस बच्चों ने क्या बिगाड़ा था? आख पर पट्टी बांधकर मार रहे थे क्या या फिर अपने बॉस की भड़ास जनता पर निकाल रहे थे??

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में सबसे पहले वीडियो की समीक्षा की। इसमें मौजूद ऑडियो के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन या किसी लाठीचार्ज की घटना से सम्बंधित कोई बातचीत नहीं थी। बल्कि वीडियो में बच्चे अपने स्कूल का नाम और कथित तौर पर उनके साथ हुई मारपीट करने वाले वार्डन के बारे में जानकारी दे रहे थें। इससे हमें इतना अंदेशा हुआ कि वीडियो किसी और घटना से सम्बंधित है। 

साथ ही वीडियो के ऊपर हमें parulpatel4618 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट की आईडी नजर दिखी। जिसको आधार बनाकर हमने इस इंस्टाग्राम अकाउंट को सर्च किया। परिणाम में हमें इसी अकाउंट में वायरल वीडियो मिला, जिसे 21 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, मामला सीपी इंटरनेशनल स्कूल का था, जहां हॉस्टल के वार्डन पर छात्रों को पीवीसी पाइप से पीटने का आरोप लगा था, जिससे कई बच्चों को चोटें आईं थी। वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद अभिभावकों ने विरोध जताया था। जिसके बाद पुलिस वार्डन को थाने ले गई और मामले की जांच शुरू हुई।

फिर हमें 22 जुलाई 2026 को एक द फर्रुखाबाद एक्सप्रेस नाम के फेसबुक पेज पर पोस्ट मिली। जिसके अनुसार, फर्रुखाबाद के सीपी इंटरनेशनल स्कूल हॉस्टल में छात्रों की पिटाई का मामला सामने आने के बाद हंगामा हो गया। हॉस्टल के वार्डन पर छात्रों को पीवीसी पाइप से पीटने का आरोप लगा था, जिससे कई बच्चों को चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद अभिभावकों ने विरोध जताया था। इसके बाद पुलिस वार्डन को थाने ले गई और मामले की जांच शुरू की।

मिली जानकारी से मदद लेकर आगे खोज करने पर हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स मिली। घटना से जुड़ी एक वीडियो रिपोर्ट को समाचार24 के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। 22 जुलाई 2026 के इस वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल हॉस्टल में बत्ती गुल होने पर छात्रों ने हंगामा कर दिया था। जिसके बाद हॉस्टल वार्डन ने कथित तौर पर उनकी पिटाई कर दी थी। 

इसी तरह हमें न्यूज 18 की वेबसाइट पर 22 जुलाई को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली, जिसके अनुसार, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में सीपी इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में वार्डन ने बच्चों की डंडे से पिटाई कर दी थी। जिसके बाद अभिभावकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। 

साथ ही भास्कर डॉट कॉम की 22 जुलाई 2026 को छपी खबर के अनुसार, फर्रुखाबाद के सीपी इंटरनेशनल स्कूल के हॉस्टल में छात्रों को पीटने वाले वार्डन को हिरासत में ले लिया गया था। स्कूल प्रबंधन ने भी वार्डन को सेवा से हटा दिया था।

निष्कर्ष 

इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट हुआ है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का एक पुराना वीडियो है, जहां एक निजी स्कूल के हॉस्टल वार्डन ने बच्चों को पीटा था। अब उसी पुराने मामले को दिल्ली के हालिया प्रदर्शन से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है।  

Result Stamp

Title: दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन से नहीं है इस वीडियो का संबंध, यूपी के फर्रुखाबाद की है पुरानी घटना।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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