पीएसजी की जीत के बाद पेरिस में नहीं भड़की हिंसा, 2022 का वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल।

False International

पेरिस हिंसा का वायरल वीडियो पीएसजी की जीत का नहीं, करीब तीन साल पुराना है।

बीते कुछ दिनों पहले 30 मई की रात पेरिस सेंट-जेर्मां यानी (PSG) के चैंपियंस लीग खिताब जीतने के बाद फ्रांस की राजधानी पेरिस सहित कई इलाकों में भारी हिंसा और उपद्रव देखने को मिला था। असल में जश्न के माहौल के बीच हुड़दंगियों ने कई दुकानों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। साथ ही  दर्जनों गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचाया। वहीं मामले में कार्रवाई करते हुए फ्रांसीसी पुलिस ने लगभग 780 लोगों को हिरासत में लिया। इसी हिंसा से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क पर पलटी हुई और धूं-धूं कर जलती हुई गाड़ियां नजर आ रही हैं। साथ ही उग्र भीड़ द्वारा एक बस, ट्राम स्टेशन पर तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह उसी हिंसा का वीडियो है जो पीएसजी के चैंपियंस लीग जीतने के बाद पेरिस में भड़क उठी थी।

वायरल वीडियो के कैप्शन लिखा गया है…

ये पेरिस का नज़ारा है हूरों को प्यार करने वालों ने नर्क बना दिया उस शहर को जिसे दुनिया का सबसे रोमांटिक शहर कहा जाता था फ्रांस की कुल आबादी 6 करोड़ है और भारत की 140 करोड़ शुक्र मनाओ की भारत मे BJP और RSS है नहीं तो यहां ये जो करते वो नर्क से भी बदतर होता।

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर उसे रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यहीं वीडियो ब्रूट के पत्रकार रेमी बुइसिने के एक्स अकाउंट से 24 दिसंबर 2022 को पोस्ट किया हुआ मिला। कैप्शन के अनुसार, वीडियो को उस वक्त पेरिस में जारी तत्कालीन हिंसा के दौरान का बताया गया है। 

फिर हमें ब्रूट के ही फेसबुक अकाउंट से 25 दिसंबर 2022 को अपलोड किया गया अन्य वीडियो मिला, जिसमें वायरल वीडियो से जुड़े दृश्य को देखा जा सकता है। यहां भी वीडियो को रेमी बुइसिने ने ही रिपोर्ट किया था। कैप्शन के अनुसार, पेरिस के कुर्दिश कल्चरल सेंटर के सामने हुए हमले के बाद हिंसा भड़कने की घटना बताया गया है।

आगे और पड़ताल करने पर हमें एक फेसबुक पेज पर वायरल वीडियो का वो हिस्सा पोस्ट किया हुआ मिला,जिसमें भीड़ एक ट्राम स्टेशन को तोड़ती दिखाई दे रही है। वीडियो को 25 दिसंबर 2022 को अपलोड किया गया है।

हमें वायरल वीडियो के संदर्भ में एक यूरोपियन मीडिया आउटलेट की वेबसाइट पर 24 दिसंबर 2022 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो से जुड़े दृश्यों को साझा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 दिसंबर 2022 को पेरिस में कुर्दिश कल्चरल सेंटर पर हुए हमले के बाद पेरिस में हिंसा भड़की उठी थी।

राइटर्स की वेबसाइट पर 25 दिसंबर 2022 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, पेरिस गोलीबारी को लेकर कुर्द प्रदर्शन हिंसक हो गया था। 

वहीं अन्य मीडिया रिपोर्टों से स्पष्ट होता है कि पेरिस में एक बंदूकधारी द्वारा 23 दिसंबर 2022 को की गई कुर्द समुदाय के तीन लोगों की हत्या के बाद नाराज प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। इसमें 31 पुलिसकर्मी घायल हो गए थें जबकि एक प्रदर्शनकारी को भी गोली लगी थी। यह हमला 69 वर्षीय विलियम एम नाम के एक शख्स ने किया था।

रिपोर्ट में वायरल वीडियो की दूसरी क्लिप देखी जा सकती है। इस प्रकार से पुष्टि होती है कि वायरल वीडियो उस समय का ही है जब पेरिस की सड़कों पर कुर्दिश कल्चरल सेंटर के पास हुई गोलीबारी के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो पीएसजी के चैंपियंस लीग जीतने के बाद पेरिस में भड़की हिंसा का नहीं बल्कि, साल 2022 में कुर्दिश कल्चरल सेंटर पर हुई गोलीबारी के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन का है।

Result Stamp

Title: पीएसजी की जीत के बाद पेरिस में नहीं भड़की हिंसा, 2022 का वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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