
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से भाजपा सांसद रवि किशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक एनकाउंटर को सही ठहरा रहे हैं। वायरल वीडियो के साथ यूजर ने दावा किया है कि बिहार में हुए भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर को रवि किशन ने सही ठहराते हुए कहा है कि भरत तिवारी अपराधी था इसलिए उसका ‘एनकाउंटर’ हुआ।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- भरत तिवारी एनकाउंटर पर रवि किशन के बयान से छिड़ी बहस भोजपुर एनकाउंटर मामले पर सांसद रवि किशन ने कहा कि कार्रवाई अपराधी के खिलाफ हुई है। वहीं, इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।अब आपकी बारी—आपकी राय में, यदि कोई व्यक्ति अपराध के आरोपों का सामना कर रहा हो, तो क्या पुलिस एनकाउंटर उचित है या हर मामले में अदालत के जरिए न्याय होना चाहिए?
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो से मिलता-जुलता वीडियो हमें ‘आज तक’ के यूट्यूब चैनल पर एक पोस्ट में मिला। यह वीडियो 28 जून 2026 को अपलोड किया गया था। कैप्शन में बताया गया कि बीजेपी सांसद ने एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए तीखा जवाब दिया।
इस पोस्ट के अनुसार , यूपी में हो रहे एनकाउंटर के बारे में बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि एनकाउंटर में मारे गए लोग आम नागरिक नहीं, बल्कि आपराधिक मामलों में शामिल आरोपी थे।रवि किशन ने चुनाव के माहौल में विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें ‘नवभारत लाइव’ के यूट्यूब चैनल पर भी वायरल वीडियो मिला । 29 जून 2026 को अपलोड हुए इस वीडियो में 2 मिनट 8 सेकंड पर एक पत्रकार यह सवाल करता है कि अखिलेश यादव ने लगातार हो रहे एनकाउंटर पर सवाल खड़ा किया है। इसी का जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने वायरल बयान दिया था। इस पूरी बातचीत में कहीं भी बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर का संदर्भ नहीं मिला।
आगे की पड़ताल में हमने रवि किशन के सोशल मीडिया हैंडल्स को खंगाला। हमें 30 जून 2026 को अपलोड किया गया एक बयान मिला। इसमें रवि किशन वायरल दावे का खंडन करते हुए यह कहते हैं कि उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। वायरल बयान यूपी के अपराधियों के संदर्भ में दिया गया था।
पोस्ट में लिखा गया, “सांसद रवि किशन का जो बयान सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह स्वर्गीय भरत तिवारी जी प्रकरण के संदर्भ में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर नीति पर दिया गया था। किसी पुराने या अलग संदर्भ के बयान को किसी नए मामले से जोड़कर प्रस्तुत करना भ्रम पैदा करता है। इसलिए किसी भी बयान का मूल्यांकन उसके मूल संदर्भ में ही किया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक विमर्श में तथ्यों और संदर्भों की शुद्धता उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी किसी मुद्दे पर अपनी राय रखना। सांसद रवि किशन का बयान उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई/एनकाउंटर नीति पर था और उसे बाद में भरत तिवारी प्रकरण से जोड़कर पेश किया जा रहा है, तो यह दोनों संदर्भों को मिलाना उचित नहीं होगा।”
निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , भाजपा सांसद रवि किशन ने भरत तिवारी के एनकाउंटर के समर्थन में बयान नहीं दिया था। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए यूपी के संदर्भ में वायरल बयान दिया था।


