नेपाल के नाम पर वायरल हुआ भारत का पुराना वीडियो।

अभी हाल ही में नेपाल के सुनसरी जिले में मधेश इलाके में सांप्रदायिक तनाव के कारण भड़की हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई थी। यह घटना 26 जुलाई की रात कांवड़ यात्रा की तैयारी के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प से शुरू हुई थी, जिसमें एक 24 वर्षीय युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी।इसी संदर्भ से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दो लोगों को मस्जिद की गुंबद पर चढ़कर तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल में हालिया सांप्रदायिक हिंसा के दौरान का है।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यह वीडियो एक एक्स यूज़र के अकाउंट से 25 फ़रवरी 2020 को पोस्ट किया हुआ मिला। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, वीडियो दिल्ली के अशोक नगर का है।
फिर हमें Thrilling News India नाम के यूट्यूब चैनल पर 25 फरवरी 2020 को अपलोड किए गए वीडियो में वायरल क्लिप नज़र आया। यहां भी वीडियो को दिल्ली का ही बताया गया है।
इसके बारे में और पड़ताल किए जाने पर हमें orissapost के न्यूज पोर्टल पर इससे संबंधित न्यूज़ रिपोर्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो से मेल खाती हुई तस्वीर दिखाई देती है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के अशोक नगर में मस्जिद को नुकसान पहुंचाने का वीडियो बताया गया है।

बीबीसी हिंदी की वेबसाइट पर 26 फरवरी 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में मस्जिद के गुंबद साफ़ दिखाई दे रहे थे, जिसके साथ तोड़फोड़ हुई थी और बाद में भगवा झंडे लगाए गए थे।यह मस्जिद दिल्ली के अशोक नगर की गली नंबर पांच के पास की बड़ी मस्जिद है, जिसमें 25 फ़रवरी 2020 को तोड़फोड़ हुई थी। हालांकि, शुरू में दिल्ली पुलिस ने कहा था कि ऐसी कोई घटना अशोक नगर में नहीं हुई है। लेकिन बाद में वहां मस्जिद की मीनार पर तिरंगा और भगवा झंडा लगा मिला था।
इसी समान जानकारी के साथ द प्रिंट की वेबसाइट पर भी 26 फ़रवरी 2020 को रिपोर्ट प्रकाशित है। इस रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो वाली मस्जिद की गुंबद की तस्वीर साझा की गई थी।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो साल 2020 में हुई दिल्ली की हिंसा के दौरान का है,जिसे नेपाल में हालिया सांप्रदायिक हिंसा के नाम पर भ्रामक रूप में फैलाया जा रहा है।


