पति-पत्नी के झगड़े का वीडियो सीजेपी के आंदोलन में शामिल एक प्रदर्शनकारी युवती पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के नाम पर शेयर किया जा रहा है।

दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को हुए संसद मार्च के बाद इंटरनेट पर रोती हुई एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती को रो-रोकर अपने साथ हुई मारपीट की बात कहते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वही लड़की है जिसने सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे थे, और अब दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। वायरल वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…
Narendra_Modi जी के मां बहन को खुलेआम जंतर मंतर पर गाली दे रही थी! दिल्ली पुलिस ने यह मोहतरमा को अच्छी तरह से इलाज कर दिया! अब इनको डर लग रहा है! पापा से उसे समय नहीं पूछी थी कि मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को गाली दे रहा हूं अब आ रहा है मजा
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस से सर्च किया। परिणाम में हमें न्यूज 18 इंडिया के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। यहां 17 जुलाई 2026 को अपलोड किए गए वीडियो के अनुसार, यह वाराणसी फैमिली कोर्ट का वीडियो है। जहां पति पर अपनी पत्नी से मारपीट का आरोप लगा था।
इसी प्रकार से हमें न्यूज 24 के यूट्यूब चैनल पर भी 17 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो से मेल खाता हुआ वीडियो मिला। यहां भी यहीं बताया गया है कि वाराणसी के परिवार न्यायालय में पति और पत्नी के बीच विवाद हुआ था।
पड़ताल में हमें प्रभात खबर की वेबसाइट पर 18 जुलाई 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो वाले दृश्य दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह वीडियो वाराणसी के परिवार न्यायालय का है, जब पति पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान हंगामा मच गया था। वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित परिवार न्यायालय परिसर में उस समय हंगामा हुआ, जब एक महिला ने अपने पति पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। महिला द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, जंसा थाना क्षेत्र के खरगूपुर निवासी अर्चना मिश्रा अपने पारिवारिक मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में गुरुवार सुबह करीब 11:45 बजे फैमिली कोर्ट पहुंची थीं। आरोप लगा कि सिंधोरा थाना क्षेत्र के गडखड़ा निवासी उनके पति अखंड प्रताप उपाध्याय पहले से ही कोर्ट परिसर में मौजूद थे। कोर्ट पहुंचते ही उनके पति ने उनके साथ गाली-गलौज की और उनके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। बतौर रिपोर्ट, महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने मुक्के और लात-घूंसों से उनपर हमला किया, जिसके चलते उनके सिर, आंख, होंठ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। इस दौरान उनका चश्मा भी टूट गया था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके गले में पहनी सोने की चेन और लॉकेट छीन लिया गया। रिपोर्ट में के अनुसार, कि इस मामले में वाराणसी के कैंट थाने में महिला की शिकायत के बाद मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इसी समान जानकारी के साथ दैनिक जागरण के हवाले से 17 जुलाई 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट देख सकते हैं। इसलिए स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा असंबंधित है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो CJP प्रदर्शनकारी पर पुलिसिया कार्रवाई का नहीं है। यह वीडियो वाराणसी का है जब एक फेमिली कोर्ट में पारिवारिक विवाद के चलते पति और पत्नी के बीच मारपीट हुई थी। इसलिए सीजेपी से जोड़कर वायरल हुआ यह पोस्ट फेक है।


