बंगाल में कसाइयों के पकड़े जाने का दावा पूरी तरह झूठ, वीडियो में दिख रहे पीड़ित असल में किसान थे।

हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से बकरीद के त्योहार को लेकर एक नई गाइडलाइन जारी की गई थी। जिसके तहत राज्य में बिना वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के पशु वध करने पर कानूनी रोक लगाने व खुले में पशुओं की कुर्बानी न देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थें। वहीं प्रशासन की तरफ से चेतावनी दी गई कि नियमों की अनदेखी करने या आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसी संदर्भ से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कुछ लोगों की भीड़ मुस्लिम बुजुर्गों को रस्सी से बांधकर धमकाती व उनके साथ अभद्र व्यवहार करती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि बंगाल की नई बीजेपी सरकार में कुर्बानी के लिए अवैध तरीके से गाय बेचने आए कसाइयों को पकड़ा गया और उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।
वीडियो को फेसबुक पर इस कैप्शन के साथ साझा किया जा रहा है…
चिच्चा भूल गए थे कि अब इनकी बाज़ी सरकार में नहीं है.. बंगाल में कुर्बानी के लिए गाय बेचने आये दो कसाइयों को गौपुत्रों ने रंगे हाथों पकड़ लिया…दोनों के पास न तो गाय का मालिक होने का कोई प्रमाण था न ही खुद के भारतीय होने का..हिन्दुओं ने दोनों को पुलिस को सुपुर्द किया।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। परिणाम में हमें The Siasat Daily के एक्स अकाउंट पर वायरल वीडियो मिला। यहां वीडियो को 3 अगस्त 2025 को शेयर किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में शुक्रवार,1 अगस्त को कृषि उद्देश्यों के लिए मवेशियों को ले जा रहे मुस्लिम मवेशी व्यापारियों के एक समूह पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और दो लोगों को गिरफ्तारी हुई।
https://twitter.com/TheSiasatDaily/status/1951998107497213996?s=20
फिर हमें इंडिया टुडे की रिपोर्ट मिली जो 2 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्गापुर में कोक ओवन पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गैमन ब्रिज के पास हुई एक घटना के बाद तनाव बढ़ गया। असल में भाजपा युवा शाखा के सदस्यों ने कथित तौर पर मवेशियों से भरी एक पिकअप वैन को रोका और उसमें सवार लोगों पर हमला किया, उन्हें बांध दिया और उनके कान पकड़कर उन्हें उठने-बैठने के लिए मजबूर किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय से हैं। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जिला अध्यक्ष नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने कोक ओवन पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर इस मामले में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की। दुर्गापुर पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था, जिसमें से एक बीजेपी युवा मोर्चा का सदस्य था।

खोज में हमें द टेलीग्राफ की वेबसाइट पर 12 अगस्त 2025 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली। जिसके अनुसार, दुर्गापुर पुलिस ने मामले में बीजेपी के पारिजात गांगुली को 10 अगस्त 2025 को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया था। जिसे बाद में पुलिस कस्टडी में पांच दिनों के लिए भेज दिया गया था।

वायरल वीडियो के संदर्भ में हम एबीपी आनंदा और न्यूज 18 बांग्ला की वीडियो रिपोर्ट भी देख सकते हैं, जिसके साथ लिखे डिस्क्रिप्शन के अनुसार, पुलिस ने बताया कि घटना में मुख्य आरोपी पारिजात गंगोपाध्याय था, जो बीजेपी युवा मोर्चा की स्टेट कमिटी का सदस्य था।
अपनी पड़ताल में हमने पाया कि उक्त घटना से संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया गया था , जो 1 अगस्त 2025 की है। बताया गया है कि कल दुर्गापुर में खेती के लिए मवेशी ले जा रहे अल्पसंख्यक समुदाय के दो व्यक्तियों को एक विशेष राजनीतिक दल से जुड़े कुछ गुंडों ने बंधक बना लिया और उनकी जमकर पिटाई की। इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और दो उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट होता है कि, वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस वीडियो का बंगाल में कुर्बानी के लिए गाय बेच रहे कसाइयों के पकड़े जाने के दावे से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो 2025 का है, जब पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में खेती के काम के लिए जानवर ले जा रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की गई थी।


