बांग्लादेशी सेना की कार्रवाई का वीडियो मालदा के नाम पर फर्जी भ्रामक दावे से किया जा रहा है शेयर।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इसमें दिखाई दे रहा है कि कुछ वर्दीधारी लोग एक दुकान से कुछ लोगों को बाहर निकाल कर उनपर डंडे चलाते हैं और साथ ही वहां पर मौजूद लोगों को खदेड़ते हुए भगाते हैं।
दरअसल 1 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा में, चुनाव ड्यूटी पर तैनात न्यायिक अधिकारियों को कथित तौर पर कुछ लोगों ने कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों पर हमले का प्रयास किया गया था। अब वायरल वीडियो को इसी संदर्भ से जोड़कर साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि मालदा में भारतीय सेना पहुँच कर दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एक फेसबुक यूज़र ने यह वीडियो इस कैप्शन के साथ शेयर किया है…
पश्चिम बंगाल के मालदा में भारतीय सेना पहुंच चुकी है
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में यह देखा कि वायरल वीडियो में जमुना टीवी का लोगो दिखाई दे रहा है। इसी को आधार बनाकर हमने वीडियो के सोर्स को ढूंढना शुरू किया जो हमें जमुना टीवी के आधिकारिक फेसबुक पेज तक ले गया। यहां पर वीडियो को 12 फरवरी 2026 को पोस्ट किया गया था।पोस्ट के साथ कैप्शन के अनुसार, वीडियो बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले में एक मतदान सेंटर पर कब्जा करने की कोशिश के बाद बांग्लादेशी सेना द्वारा लाठीचार्ज करने का था।
जमुना टीवी के इंस्टाग्राम पर भी यहीं वीडियो इसी समान जानकारी के साथ शेयर किया हुआ देख सकते हैं।
मिली जानकारी को आधार बनाकर आगे खोज करने पर हमें अन्य बांग्लादेशी मीडिया संस्थानों की तरफ से इसी जानकारी के साथ वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित मिली। इनके अनुसार, 12 फरवरी 2026 को 13वें नेशनल पार्लियामेंट चुनाव के दौरान ब्राह्मणबारिया में प्रदर्शनकारियों ने मतदान केंद्र पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिस पर स्थानीय सेना कर्मियों ने उन पर लाठीचार्ज किया था।
इस घटना से सम्बंधित ख़बरों को Time Television, United News of Bangladesh, Dainik Bangla और The News की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट में भी देख सकते हैं। स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो ब्राह्मणबेरिया के एक पोलिंग सेंटर पर कब्जे की कोशिश के दौरान सेना द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का ही है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस वीडियो का बंगाल में अभी के चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो असल में बांग्लादेश के एक पोलिंग सेंटर पर कब्जे की कोशिश के दौरान सेना द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का है।


