
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए अभी वोटिंग होना बाकी है। इसी चुनावी माहौल के बीच लाठीचार्ज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की पार्टी के कार्यकर्ता माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थें, जिस पर सेना ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- ममता बहन जी के गुंडों का इलाज कर रहे सेना के वीर सिपाही..

अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में वायरल वीडियो हमें बांग्लादेश के फेसबुक पेज पर 6 फरवरी 2026 को शेयर किया हुआ मिला। इससे ये साफ है कि वीडियो हाल ही का नहीं है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो बांग्लादेश में हुए एक प्रदर्शन का है।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें Ajker Patrika नाम के एक बांग्लादेशी न्यूज आउट्लेट के यूट्यूब चैनल पर वीडियो मिला। 6 फरवरी की इस रिपोर्ट के मुताबिक ये वीडियो बांग्लादेश की राजधानी ढाका हुए एक प्रदर्शन के दौरान का है।
वहीं ‘Dhaka tribune’ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘इंकलाब मंच’ के कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन किया था। वे इस प्रदर्शन के जरिए अपने प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। 2025 में उनकी हत्या कर दी गई थी। तभी से ‘इंकलाब मंच’ के कार्यकर्ता न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं।

Itvbd.com पर प्रकाशित खबर के अनुसार प्रदर्शनकारी शरीफ उस्मान हादी की हत्या के विरोध में प्रोटेस्ट कर रहे थे और न्याय की मांग कर रहे थे। 32 साल के उस्मान हादी छात्रों के नेता और एक एक्टिविस्ट थे। वो इंकलाब मंच के प्रवक्ता भी थे। बांग्लादेश में 2024 के छात्र आंदोलन में वो एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे थे। दिसंबर 2025 में उनकी हत्या कर दी गई, जिसके बाद वहां बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे।
न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’ ने भी अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर 6 फरवरी 2026 को इस प्रदर्शन के वीडियो को शेयर किया था। इंकलाब मंच, उस्मान हादी हत्या मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था। इस दौरान भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।
वायरल वीडियो को और अधिक स्पष्ट करने के लिए हमने गूगल मैप्स के स्ट्रीट व्यू से वायरल वीडियो की जगह का पता लगाया। स्पष्ट हुआ कि इसमें दिख रही सड़क और बिल्डिंग एकदम वैसी है जैसी वायरल वीडियो में नजर आ रही हैं। इससे ये साफ है कि वायरल वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, पश्चिम बंगाल में हुए लाठीचार्ज के नाम से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। इसका भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो फरवरी 2026 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए एक प्रदर्शन का है।


