मार्च 2026 में बांग्लादेशी सेना की कार्रवाई का वीडियो भारत के नाम पर शेयर किया जा रहा है।

False Social

ड्रग डीलर की गिरफ्तारी का यह वीडियो बांग्लादेश का है, पश्चिम बंगाल का नहीं। 

पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर प्रशासन और सरकार द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राज्य में संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के साथ ही उन्हें हिरासत में लेने और वापस भेजने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है,जिसमें दिखाई दे रहा है कि सेना की वर्दी में जवानों द्वारा एक शख्स को हिरासत में लिया गया है। यूज़र्स द्वारा वीडियो को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि, बंगाल में बीएसएफ के जवानों ने सीमा पार करने की कोशिश कर रहे एक घुसपैठिए को पकड़ लिया। 

यूज़र ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा है…

बंगाल बार्डर पर एडबुल तारों के नीचे से सीमा पर कर रहा था, बीएसएफ ने वहीं पकड़ लिया और फिर बढ़िया खातिरदारी की

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें नीरू नाहर नाम के एक्स हैंडल पर 21 मार्च 2026 को पोस्ट किया गया यह वीडियो मिला। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स ने बीएनपी लीडर मिजान उर्फ़ बाबा मिजान को सीमा पर गिरफ्तार कर लिया।

फिर हमें एक बांग्लादेशी न्यूज वेबसाइट के फेसबुक पेज जोनो पल्स पर 22 मार्च 2026 को यहीं वीडियो शेयर किया हुआ मिला। बताया गया है कि चपैनवाबगंज के कुख्यात ड्रग तस्कर जुएल को बीजीबी ने गिरफ्तार कर किया। चपैनवाबगंज नाम की जगह बांग्लादेश में है।

आगे पड़ताल करने पर हमें एक और बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट Cumilla24 tv के फेसबुक पेज पर भी यहीं वीडियो मिला, जिसे 22 मार्च को अपलोड किया गया था। पता चलता है कि बांग्लादेश में बॉर्डर गार्ड्स ने एक ड्रग तस्कर को पकड़ लिया था।

हमारी खोज में हमें वायरल वीडियो अन्य बांग्लादेशी मीडिया ऑउटलेट के हवाले से उनके फेसबुक पेज शेयर किया हुआ मिला। इनके अनुसार, चौपाई नवाबगंज जिले में एक कुख्यात ड्रग और याबा तस्कर को बांग्लादेशी सेना ने याबा के साथ गिरफ्तार किया था। इसलिए पुष्टि होती है कि बांग्लादेश के वीडियो को बंगाल का बताकर असंबंधित दावा पेश किया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों पर एक्शन 

9 दिन पहले प्रकाशित हुई दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि, सीएए की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जो लोग इसके दायरे में नहीं आते हैं वो अवैध घुसपैठिए हैं। उन्हें सरकार गिरफ्तार कर BSF को सौंप देगी। साथ ही भारत-बांग्लादेश बॉर्डर की भी कड़ी पहरेदारी होगी। बॉर्डर की 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंपी जायेगी, ताकि वहां पर फेंसिंग लगाई जा सके और सुरक्षा स्ट्रक्चर बनाया जा सके।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। जिस वीडियो को पश्चिम बंगाल में एक शख्स के घुसपैठ करने पर बीएसएफ द्वारा गिरफ्तारी का बताया जा रहा है, असल में वो बांग्लादेश का वीडियो है। 

Result Stamp

Title: मार्च 2026 में बांग्लादेशी सेना की कार्रवाई का वीडियो भारत के नाम पर शेयर किया जा रहा है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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