कोल्हापुर में हुई मारपीट का पुराना वीडियो महालक्ष्मी मंदिर का बताकर  सांप्रदायिक दावे से वायरल….

Misleading Political

सोशल मीडिया पर एक लड़ाई में शामिल कुछ लोगों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया गया है कि दो मुस्लिम व्यक्ति “अल्लाहु अकबर” के नारे लगाते हुए बीफ़ लेकर मंदिर परिसर में घुस गए थे, जिसके बाद उन्हें पुजारियों ने पकड़कर पीटा। 

वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर में मुस्लिमों ने श्रद्धालुओं पर मांस फेंककर “अल्लाहु अकबर” के नारे लगाए..!लगभग 20 पुजारियों ने मुस्लिमों पर नारियल फेंकते हुए जोरदार कुटाई करके मुंहतोड़ जवाब दिया..

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अनुसंधान से पता चलता है कि…   

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल  वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में वायरल वीडियो हमें एनडीटीवी’ की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में मिली, जिसे  23 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया है। खबर के अनुसार, मामला कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर का है, जहां दो श्रद्धालुओं को पुजारियों ने पीट दिया था। इसमें कहीं भी कोई सांप्रदायिक आरोप नहीं लगाया गया है। 

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर एक और रिपोर्ट हमें  टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर मिली। 24 मार्च को प्रकाशित इस  रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना कोल्हापुर के पन्हाला तहसील में स्थित ज्योतिबा मंदिर में 22 मार्च को हुई थी।  और इस मामले में पुलिस ने 17 पुजारियों और 17 श्रद्धालुओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। 

कोडोली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि मंदिर आए कुछ श्रद्धालुओं ने एक टूटे हुए नारियल में गुलाल मिलाकर उसे एक पुजारी पर फेंक दिया था।

 इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। 

इसके अलावा, वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्टें हमें यहाँ, यहाँ और  यहाँ पर भी मिली है। जिनके हवाले से पता चलता है कि,  यह घटना 22 मार्च 2026 को कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर में हुई थी। 

जब करीब 15-20 पुजारियों ने दो श्रद्धालुओं पर हमला किया। मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि पुजारियों ने तब प्रतिक्रिया दी, जब श्रद्धालुओं ने गुलाल और नारियल फेंककर पूजा-पाठ में बाधा डाली।

 हालाँकि, श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि पुजारियों का बर्ताव अनुचित था। पुलिस ने इस घटना को लेकर पुजारियों और श्रद्धालुओं, दोनों के खिलाफ मामले दर्ज किए । 

इन रिपोर्टों में कोई सबूत नहीं है जिससे यह पता चले कि यह कोई सांप्रदायिक झड़प थी।

वहीं घटना के संबंध में दर्ज FIR की जाँच करने पर हमने पाया कि दो पुजारियों और कुछ श्रद्धालुओं के बीच हुई झड़प है। इस बात का कोई ज़िक्र नहीं है कि यह कोई सांप्रदायिक घटना थी।

स्पष्ट हुआ जा सकता है कि वायरल वीडियो महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित ज्योतिबा मंदिर का है ना कि महालक्ष्मी मंदिर का। कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर और ज्योतिबा मंदिर दोनों अलग-अलग और स्वतंत्र तीर्थ स्थल हैं। 

 दोनों एक-दूसरे से लगभग 18 से 20 किलोमीटर की दूरी पर कोल्हापुर ज़िले में ही स्थित हैं, इसके अलावा मामले में किसी मुस्लिम समुदाय के लोगों के शामिल होने या सांप्रदायिक घटना होने जैसा कोई सबूत नहीं मिलता।

निष्कर्ष – तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। यह वीडियो करीब दो महीने पुराना कोल्हापुर के ज्योतिबा मंदिर का है। जब वहां गुलाल से भरा नारियल का खोल फेंकने पर श्रद्धालुओं और पुजारियों के बीच झड़प हुई थी। अब इसी घटना के वीडियो को गलत और सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

Result Stamp

Title: कोल्हापुर में हुई मारपीट का पुराना वीडियो महालक्ष्मी मंदिर का बताकर सांप्रदायिक दावे से वायरल….

Fact Check By: Sarita Samal

Result: Misleading

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