अरुंधति रॉय का 16 साल पुराना भाषण ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के हालिया प्रोटेस्ट से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ वायरल।

False Political

कश्मीर पर अरुंधति रॉय का यह बयान हाल-फिलहाल का नहीं बल्कि 16 साल पुराना है। इसे सीजेपी से जोड़कर फर्जी रूप में फैलाया जा रहा है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी विरोध प्रदर्शन कर रही है। अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में छात्रों और उनके माता-पिता का हुजूम उमड़ पड़ा है। वहीं छात्रों की मांगों का समर्थन करने के लिए अभी हाल ही में लेखिका व कार्यकर्ता अरुंधति रॉय और सोनम वांगचुक भी नज़र आए। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर लेखिका और कार्यकर्ता अरुंधति रॉय का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे किसी मंच से संबोधन करते हुए कहती है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है। दावा किया जा रहा है कि अरुंधति रॉय ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में जा कर यह कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं है। यूज़र ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है…

कॉकरॉच आंदोलन मंच से अरूंधती रॉय का एलान है किकश्मीर भारत का हिस्सा नहीं हैऔर बाकायदा सारे कॉकरॉच इस बात पर ताली पीट रहे हैं..!!! पहला सवालक्या ये आंदोलन सिस्टम के खिलाफ़ है या देश के?”दूसराये आंदोलन वाले देश के गद्दार हुए या नहीं?”

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें तेहलका टीवी के यूट्यूब चैनल पर 30 अक्टूबर 2010 को अपलोड किया गया वायरल वीडियो का विस्तृत संस्करण मिला। इसके साथ शीर्षक लिखा था “अरुंधति रॉय, नई दिल्ली में 21 अक्टूबर को आयोजित ‘आज़ादी – द ओनली वे अहेड’ सम्मेलन में।” 

साथ ही वीडियो के नीचे लिखे विवरण के अनुसार, वो 21 अक्टूबर 2010 को नई दिल्ली के एलटीजी सभागार में आयोजित “आज़ादी – द ओनली वे अहेड: कश्मीर सम्मेलन” में अपने विचार रख रही थी। यहां यह भी बताया गया कि उनके भाषण के शुरुआती कुछ मिनट गायब हैं। इसमें हम 0:41 टाइमस्टैम्प पर वायरल वीडियो का हिस्सा देख सकते है। इससे यह पुष्टि होती है कि वायरल क्लिप 2010 की है, जो कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के गठन से कई साल पहले की है, और इसका जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।

पड़ताल में आगे हमें रिपब्लिक वर्ल्ड के यूट्यूब चैनल पर 14 जून, 2024 की एक वीडियो रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह फुटेज लेखिका अरुंधति रॉय और पूर्व प्रोफेसर डॉ. शेख शौकत हुसैन से जुड़ा था। जिन पर साल 2010 में ‘आज़ादी – द ओनली वे’ कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए विवादित भाषणों के लिए UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंज़ूरी दी गई थी।

हमें अरुंधति रॉय के वायरल बयान से जुड़ी रिपोर्ट इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट पर भी मिली, जिसे 25 अक्टूबर 2010 को प्रकाशित किया गया था। लिखा था, “एक्टिविस्ट अरुंधति रॉय, जिन्होंने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया था, ने आज फिर वही बात दोहराई कि यह राज्य कभी भी भारत का अभिन्न अंग नहीं था। रॉय ‘कश्मीर का भविष्य: आज़ादी या…’ विषय पर आयोजित एक सेमिनार में बोल रही थीं।”

समान जानकारी के साथ इंडिया टुडे की वेबसाइट पर भी प्रकाशित रिपोर्ट देखे जा सकते हैं जिसे 24 अक्टूबर 2010 को छापा गया था। इसके अनुसार, श्रीनगर में ‘कश्मीर का भविष्य: स्वतंत्रता या गुलामी’ सेमिनार के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर कभी भी भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं था। इससे पहले भी उन्होंने कश्मीर के भारत में विलय पर सवाल उठाए थे, जिस पर काफी विवाद हुआ था।

खोज में हमें मिली अन्य रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) वी.के. सक्सेना ने लेखिका अरुंधति रॉय और कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. शेख शौकत हुसैन पर यूएपीए (UAPA) के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी थी।

इसलिए स्पष्ट होता है कि कश्मीर पर बोलते अरुधंति रॉय की वायरल क्लिप प्रदर्शन से पहले की है। जिसका जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है की वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। कश्मीर पर बोलते अरुधंति रॉय का यह वीडियो साल 2010 का है जिसका जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के हालिया प्रोटेस्ट से कोई संबंध नहीं है।

Result Stamp

Title: अरुंधति रॉय का 16 साल पुराना भाषण ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के हालिया प्रोटेस्ट से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ वायरल।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

Leave a Reply