चोरी का यह वीडियो अयोध्या राम मंदिर का नहीं है। यह कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर का पुराना मामला है।

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राम मंदिर में दान चोरी के नाम पर बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर का वीडियो वायरल।

इन दिनों अयोध्या स्थित राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे में हुई चोरी का मामला गरमाया हुआ है। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार और SIT द्वारा मामले की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक सीसीटीवी फुटेज में मंदिर में कुछ पुजारी नजर आ रहे हैं जो दान पेटी से पैसे चुरा रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह राम मंदिर में हुई चोरी का वीडियो है।

यूज़र ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन लिखा है…

राम मंदिर में किस तरह दान के पैसा का चोरी कर रहा है,उसका सीसीटीवी फुटेज विडियो वायरल हो गया है।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वीडियो के फ्रेम लेकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। परिणाम में हमें Tv9 Kannada के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। यहां पर इस वीडियो को 27 सिंतबर 2024 को साझा किया गया है। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, वीडियो गली अंजनेय मंदिर से पैसे की चोरी का बताया गया है।

अब हमें लोकमत टाइम्स के इंस्टाग्राम अकाउंट से 1 अक्टूबर 2024 को पोस्ट किया हुआ मिला, जिसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। यहां मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो बेंगलुरु के गली आंजनेय स्वामी मंदिर का है, जिसमें मंदिर के दो सदस्यों को दान के रुपये उठाते हुए दिखाया गया है।

इसके बाद हमें इंडिया टुडे की 30 सितंबर 2024 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो के दृश्य दिखाई देते हैं। इसके अनुसार, यह फुटेज बेंगलुरु के अंजनेय स्वामी मंदिर का है, जहां दान राशि की गिनती के दौरान पैसे चोरी किए जाने के कई वीडियो सामने आए थे। रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि वायरल फुटेज के आधार पर जुलाई 2024 में एक एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

‘बंगलौर मिरर’ की 27 सितंबर 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर गली आंजनेय स्वामी मंदिर में दान की चोरी का एक सीसीटीवी फुटेज जमकर वायरल हुआ, जिसमें साफ दिख रहा था कि दान के पैसे गिनने वाला एक सुपरवाइजर, वहां बैठे एक शख्स को नोटों का बंडल थमाता है और वह शख्स निगरानी रखने की जिम्मेदारी होने के बावजूद उस बंडल को चुपचाप अपनी जेब में रख लेता है।इस पूरे मामले पर मंदिर के मुख्य पुजारी रामचंद्र ने स्पष्ट किया कि यह घटना लगभग एक साल पुरानी है। मंदिर प्रशासन ने इस मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए एग्जीक्यूटिव कमेटी के दो सदस्यों को फंड में हेराफेरी के आरोप में सस्पेंड कर दिया, साथ ही दोषी पाए गए दो रसोइयों के मंदिर आने पर भी रोक लगा दी। 

घटना से जुड़ी अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद श्रद्धालुओं ने कड़ा विरोध जताया, हालांकि फुटेज में नजर आ रहे लोगों की पहचान तुरंत मुमकिन नहीं हो सकी। इसी बीच, वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के चलते कर्नाटक सरकार ने कार्रवाई करते हुए गली अंजनेय स्वामी मंदिर के प्रबंधन को पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया।

जी कन्नड़ के यूट्यूब चैनल पर भी वायरल वीडियो से संबंधित रिपोर्ट देखी जा सकती है। इनके अनुसार, बेंगलुरु के गली अंजनेय मंदिर में हुई दान राशि की हेराफेरी को दिखाया गया है।

राम मंदिर दान चोरी मामला

राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले को पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव ने 7 जून को उठाया था जिसके बाद ये चर्चा में आ गया। 13 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। एबीपी न्यूज़ की लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक़, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने 15 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है। SIT ने चढ़ावा प्राप्त होने के जरिए का भी जिक्र किया है, जिसमें चढ़ावा हुंडी, ऑनलाइन के अलावा कैश काउंटर पर रसीद की बात कही गई है। SIT को राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते और पूछताछ से पता चला है कि औसतन हर महीने 25 लाख श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन कुंभ के दौरान एक महीने में करीब एक करोड़ श्रद्धालु आए। जांच में पता चला कि औसतन प्रति श्रद्धालु 15-18 रुपये चढ़ावा आता है लेकिन इस चढ़ावे में अनाज, तेल और घी के साथ सोने चांदी के आभूषण का चढ़ावा नहीं जोड़ा गया क्योंकि इनके दान का कोई ठोस सबूत और साक्ष्य नहीं मिला। रिपोर्ट में जिक्र है कि बैक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं के नंबर को देखकर चढ़ावे में बड़ा उतार चढ़ाव देखने को मिला।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चला है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो राम मंदिर में हालिया कथित चंदा चोरी का नहीं है बल्कि, कर्नाटक के गली अंजनेय स्वामी मंदिर का पुराना मामला है।

Result Stamp

Title: चोरी का यह वीडियो अयोध्या राम मंदिर का नहीं है। यह कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर का पुराना मामला है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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