बंगाल में लोगों को घर से निकालकर सीआरपीएफ की पिटाई का वायरल वीडियो फर्जी, असलियत में यह बांग्लादेश की घटना है।

False International

बांग्लादेश के पंचागढ़ की घटना का वीडियो, बंगाल में CRPF की सख्ती के भ्रामक दावे से वायरल।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी पूर्ण हो चुकी है। राज्य में दो चरणों में होने जा रही वोटिंग के लिए अब कुछ ही घंटे शेष है। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए इसके लिए शासन-प्रशासन ने कमर कस रखी है। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें सुरक्षाबलों को हाथ में डंडे लेकर कुछ उपद्रवियों से सख्ती से निपटते हुए दिखाया गया है। वीडियो को बंगाल चुनाव से जोड़ते हुए यह दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल का दृश्य है जहां उपद्रवियों से निपटने के लिए CRPF के जवानों ने ऐसी कार्रवाई की है। 

फेसबुक पर यह वीडियो इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…

बंगाल में CRPF की एंट्री से माहौल बदल गया गुंडो को जमीन फाड़कर निकाला जा रहा है अब बातचीत नहीं सीधा तगड़ा एक्शन शुरू बंगाल में मियां राज नहीं सिर्फ हिंदू राज चलेगा।

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से कीफ्रेम्स को लेकर रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें News21 बांग्ला के फेसबुक पेज पर यहीं वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला, जिसे 11 जनवरी 2026 को पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, यह घटना बांग्लादेश के पंचागढ़ जिले की है, जहां उस्मान हादी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर वहां की सेना ने कार्रवाई की थी।

मिली जानकारी की मदद से आगे खोज करने पर हमें बांग्लादेश की समाचार वेबसाइट Probash Times के फेसबुक पेज पर भी यही वीडियो 12 जनवरी 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। पोस्ट के साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, पंचागढ़ जिले में उस्मान हादी की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया था। इस दौरान सेना द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कम से कम 20 छात्र घायल हो गए थे।

बांग्लादेशी समाचार संस्थान DBC News TV के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी हमें यहीं वीडियो मिला, जिसे 11 जनवरी 2026 को पोस्ट किया गया था। पता चलता है कि वीडियो पंचागढ़ में उस्मान हादी की हत्या के बाद न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बांग्लादेशी सेना द्वारा किए गए लाठीचार्ज का है।

एक और बांग्लादेशी समाचार वेबसाइट Dailylokaloy.com पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, जो 11 जनवरी 2026 की है। बताती है कि उस्मान हादी की हत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पंचागढ़ में छात्रों ने सड़क जाम कर दिया था। तभी सेना के जवानों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कम से कम 23 लोग घायल हो गए थें। घटना 11 जनवरी को दोपहर में शेर-ए-बांग्ला पार्क चौराहे पर घटी, जब दोपहर करीब 2:15 बजे छात्रों ने उस्मान हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने सहित चार मांगों को लेकर विरोध मार्च निकाला गया था और सड़क जाम कर दिया गया था।यह जाम करीब डेढ़ घंटे तक चला, जिसके चलते पंचागढ़-ढाका राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। इसके बाद मौके पर पहुंचे सेना के जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। इस घटना में पंचागढ़ भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के समन्वयक फजल रब्बी, मोकद्देसुर रहमान सान, छात्र नेता अतीकुर रहमान, मजहरुल इस्लाम सलीम, खोरशेद महमूद और महफूजुर रहमान सहित कम से कम 23 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाले दृश्य देखे जा सकते हैं। 

इसलिए हम कह सकते हैं कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का ही है, जिसे बंगाल से जोड़कर भ्रामक रूप में फैलाया जा रहा है। 

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वास्तव में, यह घटना बांग्लादेश की है, जहाँ उस्मान हादी की हत्या के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे थे और इसी प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए बांग्लादेशी सेना ने उन पर बल प्रयोग किया था। उसी घटना को बंगाल का बताया जा रहा है। 

Result Stamp

Title: बंगाल में लोगों को घर से निकालकर सीआरपीएफ की पिटाई का वायरल वीडियो फर्जी, असलियत में यह बांग्लादेश की घटना है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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