छत्तीसगढ़ में रिश्वत लेते पकड़े गए सब-इंस्पेक्टर का वीडियो CJP से जोड़कर भ्रामक दावे से वायरल।

Misleading Political

रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिसकर्मी का वीडियो कॉकरोच जनता पार्टी से सम्बंधित नहीं, वायरल दावा सरासर फर्जी।

इंटरनेट पर एक पुलिसकर्मी की जेब से पैसे निकालते लोगों का वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद बने नवगठित डिजिटल ग्रुप कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ में 30,000 की रिश्वत लेते एक दरोगा को पकड़ा है। दरअसल अभी हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक अदालती सुनवाई के दौरान एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ऑनलाइन सक्रियता की आड़ में संस्थानों पर हमला करने वाले कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना “कॉकरोच” से की थी। हालांकि सीजेआई ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी फर्जी डिग्रियों वाले व्यक्तियों के लिए थीं। तो इसी मौजूदा संदर्भ से जोड़कर यह वीडियो साझा किया जा रहा है।

यूज़र ने वायरल वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है…

30 हजार की रिश्वत लेते हुए दरोगा को धर लिया 🚨कॉकरोच जनता पार्टीने सड़ेगले सिस्टम की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ में 30,000 की रिश्वत लेते हुए एक दरोगा रंगे हाथों पकड़ा गया। भ्रष्टाचार पर चोट जारी है, जनता अब जवाब मांग रही है।

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें न्यूज़24 की तरफ से 26 फरवरी, 2026 की एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिली, जिसमें उसी वायरल फुटेज को देखा जा सकता है। पोस्ट में बताया गया था कि वीडियो में छत्तीसगढ़ में एसीबी की तरफ से एक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था, जब सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को कथित तौर पर 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। आगे बताया गया है कि कोरिया जिले के पौड़ी चौकी पर तैनात अब्दुल मुनाफ ने कथित तौर पर सत्येंद्र प्रजापति नामक एक किसान से हत्या के मामले में फंसाने की धमकी देकर 50,000 रुपये की मांग की थी। जब किसान SI को 25 हजार कैश देने पहुंचा तो ACB ने रंगे हाथों पकड़ लिया था। 

फिर हमें नवभारत टाइम्स की 26 फरवरी, 2026 की एक और रिपोर्ट भी मिली। इसमें हमें वहीं दृश्य दिखाई दिए थें, जिससे यह पुष्टि हुई थी कि फुटेज छत्तीसगढ़ में एसीबी के एक आधिकारिक ऑपरेशन का ही है।

इसके अलावा NewsX World की तरफ से 26 फरवरी 2026 को वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया था कि, सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को एसीबी ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। यह फुटेज फरवरी 2026 में छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा चलाए गए एक आधिकारिक अभियान का है, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

Result Stamp

Title: छत्तीसगढ़ में रिश्वत लेते पकड़े गए सब-इंस्पेक्टर का वीडियो CJP से जोड़कर भ्रामक दावे से वायरल।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Misleading

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