बांग्लादेश में BNP कार्यकर्ताओं की आपसी भिड़ंत का वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव हिंसा के नाम पर वायरल।

False Political

इस वीडियो का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा किए जाने से कोई संबंध नहीं है। यह बांग्लादेश के फरीदपुर का है, जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए थें।  

पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसे टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का बताते हुए शेयर किया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि दो लोग एक मकान के गेट पर धारदार हथियार से हमला करते हैं। तभी सेना के जवान वहां पहुंचते हैं और उपद्रव कर रहे दोनों लोगों को बन्दूक की नोक पर ला कर काबू करते हैं। दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में उपद्रव कर रहे टीएमसी कार्यकर्ताओं को सीआरपीफ ने हिरासत में लेकर सबक सिखाया। पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया है…

टीएमसी के गुंडे धमकाने आए थे , पर भूल गये बंगाल में अब सीआरपीएफ तैनात हैं । कर दिया इलाज

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यहीं वीडियो बांग्लादेशी न्यूज पोर्टल ‘ढाका पोस्ट’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। यहां पर वीडियो को 17 अगस्त 2024 को अपलोड किया गया था। इसके साथ मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो बांग्लादेश में हुई घटना का है।

इसके बाद हमें बांग्लादेश की मेन समाचार वेबसाइट ढाका ट्रिब्यून की तरफ से 18 अगस्त 2024 को छपी रिपोर्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो के एक स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 15 अगस्त को बांग्लादेश के फरीदपुर की है, जब बोअलमारी उपजिला बीएनपी अध्यक्ष और जातीयताबादी स्वच्छसेबक दल के उपजिला शाखा संयोजक संजय साहा के स्वामित्व वाले एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर हमला और तोड़फोड़ के मामले में दो व्यक्तियों टुटुल और दुखू, को हिरासत में लेकर उन्हें कोर्ट भेज दिया था। रिपोर्ट में बोअलमारी थाना प्रभारी मुहम्मद शाहिदुल इस्लाम के हवाले से बताया गया कि इस घटना से सम्बंधित एक मामले को थाने में दर्ज किया किया गया था।

इसके बाद हमें निरापद न्यूज की वेबसाइट पर भी 18 अगस्त 2024 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इसमें भी वायरल वीडियो वाले दृश्य देखे जा सकते हैं। पता चलता है कि यह घटना बांग्लादेश के फरीदपुर की है, जहां बीएनपी नेता संजय साहा के कार्यालय पर हमला हुआ था। हमले के दौरान वहां पहुंचे सेना के जवानों ने हमलावरों को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को सौंप दिया था।

दावे से सम्बंधित रिपोर्ट को इंडिपेंडेंट टेलीविज़न के यूट्यूब चैनल पर भी देख सकते हैं, जिसे 17 अगस्त 2024 को अपलोड किया गया था। इसमें भी वायरल वीडियो की घटना को बांग्लादेश के फरीदपुर का ही बताया गया है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो बांग्लादेश की एक पुरानी घटना का है जिसे पश्चिम बंगाल का बताकर भ्रामक दावा किया गया है। 

Result Stamp

Title: बांग्लादेश में BNP कार्यकर्ताओं की आपसी भिड़ंत का वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव हिंसा के नाम पर वायरल।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: False

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