
17 जून 2026 को बिहार के भोजपुर ज़िले में पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी घायल हो गए और बाद में उसी दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना तब विवादों में आ गई जब तिवारी के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें मुठभेड़ से पहले ही उठा लिया था और बाद में हुई गोलीबारी बनावटी थी। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस बीच भरत तिवारी के एनकाउंटर का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें कुछ पुलिसवाले एक व्यक्ति के हाथ-पैर पकड़कर उसे ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये भरत तिवारी एनकाउंटर का लाइव वीडियो है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उस समय गोली नहीं मारी गई थी। इससे घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठते हैं और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।” ये भ्रष्ट और घूसखोर पुलिसकर्मी सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।” “शहीद भरत तिवारी ज़िंदाबाद!
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमे एक ं फेसबुक पेज पर मिला। यहां इसे 21 जून को पोस्ट किया गया था। पोस्ट के कैप्शन के मुताबिक, ये वीडियो यूपी के महाराजगंज जनपद का है। जब बजरंग दल के कार्यकर्ता मदनपुरा गौशाला में गायों की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थें। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर ‘देहाती न्यूज़ इंडिया’ की एक पोस्ट मिली। इसमें दिखाई देता है कि वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा ले जाए जाते दिख रहे युवक घटना के बारे में अपना पक्ष रख रहा है। वीडियो में वह आरोप लगाता है कि महाराजगंज के मदनपुरा गौशाला में गायों की मौत को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान, पुलिस से बार-बार छोड़े जाने की गुहार लगाने के बावजूद उसे हिरासत में ले लिया गया।
पोस्ट में उसे बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया गया है और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के बारे में उसका बयान पेश किया गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से मिली जानकारी के आधार पर, हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स सर्च किया। इसके बाद हमें अब वायरल वीडियो से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स मिली। इन रिपोर्ट्स में ऐसे विज़ुअल्स हैं जो वायरल वीडियो से मेल खाते हैं । इसके मुताबिक़, यह घटना उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र स्थित मदनपुरा गोसदन (गौशाला) की है, जहां दो गौवंशों की मौत के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
जब स्थानीय पुलिस अधिकारी समेत तहसीलदार अमित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मृत मवेशियों के शवों को जेसीबी से हटाने लगे, तो कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हो गई। इस वीडियो में पुलिसकर्मियों के साथ नोकझोंक करते कई लोग भगवा गमछा पहने हुए देखे जा सकते हैं।
जिस युवक को पुलिस उठाकर ले जाती दिख रही है, वह जय श्री राम, भारत माता की जय सहित गौ माता की जय के नारे लगा रहा है। यानी स्पष्ट है कि गायों की मौत के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़ा जा रहा है।
निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि ये वीडियो यूपी के महाराजगंज का है, और गायों की मौत के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को दिखाता है। वीडियो का भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से कोई संबंध नहीं है।


