अतीक अहमद एनकाउंटर मामले में नीतीश कुमार की पुरानी प्रतिक्रिया, भरत तिवारी मामले से जोड़कर वायरल।  

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़कर वायरल हो रहा है नीतीश कुमार का पुराना वीडियो।

भोजपुर के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर इंटरनेट पर कई भ्रामक पोस्ट वायरल हो रहे हैं। इसी से जोड़ते हुए  बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे मीडिया के सामने यह कहते हैं कि जोअपराधियों को सफाया, मने मार दीजिए उसको। ये कोई तरीका है? इसका मतलब जो जेल में जाएगा, तो उसको मार दीजिए? ऐसा कोई नियम है? आप बताइए तो। अरे वो तो कोर्ट न फैसला करता है कि अगर किसी को ये भी सजा होती है, कि उसको फांसी की सजा हो, तो फांसी हो जाती है।यूज़र्स इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस की आलोचना करते हुए बिहार के वर्तमान सरकार पर सवाल उठाये हैं। वायरल वीडियो के साथ यूज़र ने कैप्शन लिखा है…

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आए भरत तिवारी के सपोर्ट में

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमनें जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया। परिणाम में हमें 17 अप्रैल 2023 को एएनआई के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया वीडियो मिला। इस वीडियो में वायरल क्लिप वाले हिस्से दिखाई देते हैं। वहीं पोस्ट के साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, नीतीश कुमार ने यह बयान प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या पर दिया था। तब उन्होंने यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर सवाल खड़े किए थें और कहा था कि पुलिस को उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए था। वीडियो में करीब 2 मिनट 46 सेकंड के फ्रेम में पत्रकारों की तरफ से यूपी के ‘योगी मॉडल’ पर सवाल पूछा जाता है, जिसके जवाब में नीतीश कुमार वही बातें कहते हैं, जो वायरल वीडियो में है।

इसके बाद हमें 17 अप्रैल 2023 को आजतक के यूट्यूब चैनल पर भी यही वीडियो अपलोड किया हुआ मिला, जिसमें वे अतीक अहमद व अशरफ की पुलिस अभिरक्षा में हुई हत्या पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

और पड़ताल करने पर हमें बीबीसी के यूट्यूब चैनल पर 17 अप्रैल 2023 को अपलोड किया हुआ वीडियो मिला। यहां भी स्पष्ट होता है कि वीडियो अभी का नहीं है। वीडियो के साथ नीचे लिखे डिस्क्रिप्शन के अनुसार, उस समय बिहार के सीएम रहे नीतीश कुमार जो एनडीए का हिस्सा नहीं थें आरजेडी (RJD) गठबंधन में थें, यूपी में गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की पुलिस हिरासत में हुई हत्या पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने हत्या को दुखद बताते हुए कहा था,  “अपराधियों के सफाए का मतलब ये थोड़े है कि उन्हें मार दिया जाए। ये कोई तरीका है? इसका फैसला कोर्ट करता है। अगर किसी को ये भी सजा होती है कि उसे फांसी हो, तो उसे फांसी हो जाती है।

हमारी पड़ताल के अनुसार, 15 अप्रैल 2023 को गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस सुरक्षा के बीच गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में बिहार के तत्कालीन सीएम रहे नीतीश कुमार ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए वायरल वीडियो वाला बयान दिया था, जिसे अब भरत भूषण तिवारी मामले से जोड़ा जा रहा है। 

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला-

बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर ने देश भर में एक नया विवाद छेड़ दिया है। पुलिस को गुप्त जानकारी मिली थी कि भरत तिवारी इलाके में अवैध हथियार लहराते हुए हवा में अंधाधुंध फायरिंग कर रहा है। तभी सुरक्षा बल और एसटीएफ की संयुक्त टीम उसे सुरक्षित हिरासत में लेने के लिए मौके पर पहुंची, तो उसने आत्मसमर्पण करने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने टीम को देखते ही उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी नियंत्रित फायरिंग की, जिससे गोली भरत के पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इधर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है और गलत पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। इस वीडियो का भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से कोई संबंध नहीं है। यह नीतीश कुमार का पुराना वीडियो है जब उन्होंने साल 2023 में यूपी के अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हुई हत्या पर प्रतिक्रिया दी थी। उसी वीडियो को अभी का दिया बयान बताकर शेयर किया जा रहा है।

Result Stamp

Title: अतीक अहमद एनकाउंटर मामले में नीतीश कुमार की पुरानी प्रतिक्रिया, भरत तिवारी मामले से जोड़कर वायरल।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Misleading

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