बंगाल चुनाव से जोड़कर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा है भ्रामक दावा, यह 2022 की वाराणसी की घटना है।

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वाराणसी में अग्निपथ योजना के विरोध का पुराना वीडियो, बंगाल चुनाव के बीच शेयर किया जा रहा है।

बंगाल में होने वाले चुनाव बेहद ही नज़दीक है। गौरतलब है कि वहां पर पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल 2026 और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल को होने वाला है। इसी बीच एक वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें लोगों के एक समूह को एक व्यक्ति का पीछा करते और उसे लाठियों से पीटते हुए दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का है, जहां नजरुल इस्लाम नाम के एक तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता को हिंदू समुदाय के लोगों ने इसलिए पीटा क्यूंकि वो वोट के लिए धमका रहा था। वीडियो को फेसबुक पर इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…

ये हैं नजरुल इस्लाम टीएमसी कार्यकर्ता, मुर्शिदाबाद में हिंदूओं को वोट के लिए धमका रहा था। कुछ हिंदूओं का ईमान जागा और नजरूल इस्लाम दुम दबाकर भागा अब बताओ बंगाल में कौन जीतेगा?

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें एक एक्स हैंडल पर यही वीडियो मिला। यहां वीडियो को 17 जून 2022 को पोस्ट किया गया था। इसके साथ कैप्शन में अग्निवीर का जिक्र करते हुए बताया गया था कि बनारस में स्थानीय लोगों ने दुकानों को बंद कराने की कोशिश कर रही हिंसक भीड़ को पीट दिया था।

चूंकि पड़ताल में मिला यह वीडियो काफी स्पष्ट था और इसमें हमें एक जगह साइनबोर्ड पर ‘टेलीफोन कॉलोनी, नगर निगम वाराणसी’ लिखा हुआ दिखा। ऐसे दृश्य वायरल वीडियो में भी है, इसलिए समझा जा सकता है कि वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है।

इसके बाद हमें नवभारत यूपी-उत्तराखंड के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो रिपोर्ट मिला, जिसमें वायरल वीडियो के दृश्य दिखाई देते हैं। वीडियो को 17 जून 2022 को अपलोड किया गया है और इसे वाराणसी का ही बताया गया है। पता चलता है कि वाराणसी में अग्निवीर योजना का विरोध हिंसक हुआ तो स्थानीय लोग इस पर भड़क उठे थें। इस योजना के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए वाराणसी में रेलवे ट्रैक पर आग लगा दी गई थी। साथ ही रोडवेज बस में तोड़फोड़ और ट्रेन पर पथराव किया गया था। उपद्रव की तमाम तस्वीरों के बीच जब वाराणसी के बाजारों में अग्निपथ योजना के कुछ विरोधी पहुंचे तो यहां पर दुकानों को बलपूर्वक बंद कराने की कोशिश की जाने लगी। बीच बाजार अग्निपथ योजना के विरोध के नाम पर अराजकता शुरू हुई तो दुकानदारों ने मोर्चा संभाल लिया। वहीं विरोध के नाम पर उपद्रव कर रहे लोगों की दुकानदारों ने जमकर पिटाई की और इसके बाद सभी को पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

और पड़ताल किए जाने पर हमने पाया कि 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की घोषणा की गई थी। इसके बाद बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में इस योजना के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थें। इसी क्रम में वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन स्थित यार्ड के ट्रैक पर आगजनी की गई और शहर में करीब 36 वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया था। 

इस बारे में अमर उजाला की तरफ से 17 जून 2022 की रिपोर्ट मिली। इसके अनुसार, पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 17 जून को अग्निपथ स्कीम के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के बीच प्रदर्शनकारी बलपूर्वक दुकानों को बंद कराने लगे तब दुकानदारों ने उनकी पिटाई कर दी और इसके बाद सभी को पुलिस के हवाले किया।

हमें खोज करते हुए “टेलीफोन कॉलोनी, नगर निगम वाराणसी” लिखा हुआ एक साइनबोर्ड मिला था। इसलिए हमने गूगल मैप्स पर इस जगह के बारे में ढूंढा। हमें वाराणसी में इसी नाम की एक कॉलोनी भी मिली।ऐसे में यह साफ होता है कि वायरल वीडियो का बंगाल से कोई संबंध हो ही नहीं सकता।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो साल 2022 का है जब वाराणसी में अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और स्थानीय दुकानदारों के बीच हुई झड़प हुई थी। उसी समय के वीडियो को बंगाल चुनाव से जोड़कर फर्जी रूप में फैलाया जा रहा है। 

Result Stamp

Title: बंगाल चुनाव से जोड़कर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा है भ्रामक दावा, यह 2022 की वाराणसी की घटना है।

Fact Check By: Priyanka Sinha

Result: Misleading

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