
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक स्कूली छात्रा ज़िपलाइन की मदद से एक नदी पार करती दिख रही है। दावा किया जा रहा है यह वीडियो भारत का है। जहां की शिक्षा व्यवस्था इतनी लचर है कि स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- देश की सबसे जरूरी मुद्दा शिक्षा को दबाने के लिए संघी–भाजपा मिलकर रात दिन हिंदू मुस्लिम करते हैं।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में हमें 1 जुलाई 2023 को छपी NDTV की एक रिपोर्ट मिली। इसमें वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता हैं। साफ है कि वीडियो हाल का नहीं है।
वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया की है, जब लड़की स्कूल जाने के लिए रस्सी और पुली सिस्टम का इस्तेमाल करके नदी पार कर रही थी।

इसके अलावा वायरल वीडियो की खबर हमें एक फेसबुक पेज पर भी मिली। जिसके मुताबिक वीडियो कोलंबिया का है।
सांता मार्टा के ग्रामीण इलाके, प्यूर्टो मॉस्किटो गांव में नरकाजमांटा आदिवासी समुदाय के छात्र स्कूल जाने के लिए उफनती गैरा नदी पार करते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।
तस्वीरों में वे एक झूले से लटके हुए दिख रहे हैं जो एक घिसी हुई केबल या पुली पर लुढ़कता है, जिससे समुदाय में चिंता बढ़ गई है क्योंकि नदी पार करने की कोशिश में पहले ही कई लोगों की मौत हो चुकी है और वे तेज़ बहाव में बह गए हैं।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो से जुड़ी अन्य खबरें भी मिली। इस खबर को यहां,यहां औऱ यहां पर भी देख सकते हैं।
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह वीडियो 2022 में सांता मार्टा शहर के उत्तर-पूर्व में स्थित प्यूर्टो मॉस्किटो गांव का है। इसमें यह भी बताया गया है कि वायरल हुए वीडियो के बाद सांता मार्टा के मेयर ऑफिस ने उस जगह का दौरा किया, ताकि इस इलाके से गुज़रने वाले छात्रों की समस्या को हल करने और बच्चों को नदी पार करने के लिए केबल कार का इस्तेमाल करके अपनी जान जोखिम में डालने से रोकने के लिए उपाय किए जा सकें।

निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, ज़िपलाइन का इस्तेमाल करके नदी पार करती एक स्कूली छात्रा का वायरल वीडियो भारत का नहीं, बल्कि कोलंबिया का है।


