
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें भीड़ को पथराव करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु की नई सरकार ने आरएसएस को बैन कर दिया, जिसके विरोध में आरएसएस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- तमिलनाडु में विजय थलपति की सरकार न आरएसएस को किया बैन विरोध में आरएसएस और बजरंग दल वालों ने किया पुलिस पर पथराव देश हित में काम करते हुए आरएसएस और बजरंग दल के लोग
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में वायरल वीडियो हमें public. App के एक पेज पर मिला। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार ये खबर 22 अप्रैल 2026 की है। इसका मतलब कि घटना अभी की नहीं है।

मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें 22 अप्रैल 2026 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार यूपी के गाजीपुर में 16 साल की लड़की की हत्या मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के डेलिगेशन पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था।
इस हमले में सपा कार्यकर्ताओं समेत कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में गाजीपुर के पुलिस कप्तान ने सपाइयों पर पथराव का आरोप लगाया था।
इस घटना में उस समय सपा के 2 विधायकों समेत 46 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और करीब 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था।
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पड़ताल के दौरान हमें इस घटना पर प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें बताया गया कि यह घटना यूपी के गाजीपुर की है। रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र में 15 अप्रैल को एक लड़की का गंगा नदी में शव मिला था। इस घटना के बाद परिवार वालों ने हत्या का केस दर्ज कराया। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।
इसी घटनाक्रम के बीच सपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने कटारिया गांव पहुंचा था। इसी बीच वहां ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ था।
निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , तमिलनाडु में नई सरकार द्वारा आरएसएस पर प्रतिबंध के बाद बजरंग दल का पुलिस पर पथराव करने का दावा फर्जी है । वायरल वीडियो यूपी का है।


