
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुए सूर्या चौहान हत्याकांड और पुलिस एनकाउंटर से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रात के अंधेरे में कुछ लोग एक शव को दफनाने की तैयारी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि गाजियाबाद के सूर्या चौहान हत्याकांड के आरोपी असद के जनाजे का वीडियो है । आरोपी असद को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किए जाने के बाद उसके जनाजे को चार कंधे भी नसीब नहीं हुए और उसके परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- असद को चार कंधे भी नहीं मिले जनाजा उठाने को !!
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन एक फेसबुक पोस्ट में मिला। यहां पर वीडियो को अंबेडकरनगर की एक घटना से संबंधित बताया गया है।
इस दौरान हमें NT UpBharat नामक फेसबुक पेज पर 5 मई को अपलोड की गई एक वीडियो रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट का कैप्शन था, अंबेडकरनगर में हैवानियत का अंत! 4 बच्चों और मां के हत्यारे का एनकाउंटर, परिवार ने शव लेने से किया इनकार।

वीडियो में स्पष्ट बताया गया है कि यह मामला यूपी के अंबेडकरनगर के मीरानपुर कॉलोनी का है, जहां चार बच्चों और उनकी मां की नृशंस हत्या करने के बाद आरोपी आमिर फरार हो गया था।
बाद में पुलिस मुठभेड़ में वह ढेर हो गया। उसकी इस करतूत से नाराज होकर परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया था और स्थानीय मौलाना ने भी फातिहा पढ़ने से इनकार कर दिया था।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर 6 मई को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो वाले दृश्य मौजूद थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति के पूरे परिवार को आमिर नामक सिरफिरे ने मौत के घाट उतार दिया था।
मृतक बच्चों के पिता नियाज ने कहा था कि उसे आमिर पर शक था और पुलिस ने उसे न्याय दिलाया।
महिला और चार बच्चों के हत्यारे आमिर के शव को दफनाने से परिवार ने इनकार कर दिया।
इससे साबित होता है कि वायरल वीडियो गाजियाबाद की घटना से पहले का है और यूपी के अंबेडकर नगर जिले में हुई एक हत्या से संबंधित है।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार 4 मई को आमिर, पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारा गया। आमिर का पोस्टमार्टम होने के बाद जब पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया, तो उन्होंने उसका शव लेने से साफ इंकार कर दिया । साथ ही, इलाके के पेश इमाम ताज मोहम्मद ने भी आरोपी के लिए फातिहा पढ़ने और जनाजे की नमाज अदा कराने से मना कर दिया था। ऐसे में पुलिस ने अपनी देखरेख में शव को दफन करवाया था।
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गाजियाबाद के आरोपी असद-
बतादें कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गाजियाबाद के आरोपी असद के शव को कानूनी प्रक्रियाओं और पोस्टमार्टम के बाद आधिकारिक तौर पर उसके परिजनों को सौंप दिया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, असद का परिवार शुरुआत में उसके शव को उसके पैतृक जिले बुलंदशहर में ले जाकर दफनाना चाहता था। हालांकि, जब इस बात की जानकारी बुलंदशहर में उसके पैतृक गांव के लोगों को हुई, तो ग्रामीणों ने उसका शव वहां दफनाने से साफ इनकार कर दिया। गांव वालों के कड़े विरोध को देखते हुए परिवार को अपना फैसला बदलना पड़ा और आखिरकार असद के शव को गाजियाबाद में ही दफनाया गया।
निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , वीडियो को गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद के अंतिम संस्कार का बताकर वायरल किया जा रहा है।असल में यह वीडियो असद का नहीं बल्कि अंबेडकरनगर के हत्यारोपी आमिर का है, जो मई 2026 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। आमिर के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर कर दिया था, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दफनाया गया था ।


