नेपाल में चुनाव से पहले हुए मॉक ड्रिल का वीडियो भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारतीय सुरक्षाबलों की तैनाती के भ्रामक दावे से वायरल।

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश के साथ अपनी सीमा पर अवैध प्रवासियों के खिलाफ़ कार्रवाई तेज़ कर दी है। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें एक खेत में सैनिकों द्वारा भीड़ पर हथियार तानने हुए दिखाया गया है। यूज़र्स द्वारा वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ एक्शन मोड में नजर आ रही है।
वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…
समझ में आया की सीमा पर वाडबंदी अभी तक क्यों नहीं हुई क्या खेल था इसके पीछे बांग्लादेश सीमा पर जो लोग बाड़बंदी के काम में जिहादी बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे,फिर BSF के जवानों ने बोला पीछे हट जाओ वरना पहली गोली घुटने के नीचे लगेगी। दूसरी गोली सीना चीर देगी
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से फ्रेम लेकर उसे गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। परिणाम में हमें atv news के फेसबुक अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां पर वीडियो को 11 फरवरी 2026 को साझा किया गया है। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में नेपाल हैशटैग दिखता है। साथ ही पता कि नेपाल में चुनाव को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अभ्यास किया गया।
फिर हमें यहीं वीडियो फरवरी 2026 में नेपाल के अन्य मीडिया संस्थानों राष्ट्र प्रेस मीडिया और रातो पाना के फेसबुक अकाउंट्स पर भी अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो को लेकर यही जानकारी दी गई कि नेपाली सेना द्वारा आगामी प्रतिनिधि सभा चुनावों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रिहर्सल किया गया।
आगे जांच करने पर हमें नेपाल के तनहु जिला पुलिस कार्यालय के आधिकारिक फेसबुक पेज पर 9 फरवरी 2026 को साझा की गई एक पोस्ट में वायरल फुटेज से मेल खाने वाली तस्वीरें मिलीं। यहां पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा था, “आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए 26 माघ 2082 को तनहु जिले के व्यास नगर पालिका के वार्ड संख्या 5 स्थित पाटन खेल मैदान में संयुक्त मॉक वोटिंग अभ्यास आयोजित किया गया। यह अभ्यास जिला प्रशासन कार्यालय, जिला चुनाव कार्यालय, जिला पुलिस कार्यालय, नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और राष्ट्रीय अनुसंधान कार्यालय के समन्वय से आयोजित किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य मतदान की आदर्श प्रक्रियाओं का अभ्यास करना और चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर उत्पन्न होने वाली विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयारी करना था।”
निष्कर्ष
इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों द्वारा यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। यह पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ की तैनाती का नहीं है। वास्तव में यह नेपाल का वीडियो है जब प्रतिनिधि सभा चुनाव के लिए फरवरी 2026 में अभ्यास किया गया था। ऐसे में वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक साबित होता है।


