नोएडा में श्रमिकों ने फिर से नहीं किया प्रदर्शन,  लाठीचार्ज का पुराना वीडियो वायरल….

Misleading Political

नोएडा में फैक्ट्री वर्कर्स ने अपने वेतन और बोनस बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था।  हालांकि, बाद में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। अब इसी प्रदर्शन के नाम पर एक वीडियो वायरल  किया जा रहा है। इस वीडियो में पुलिस को बेरहमी से लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि नोएडा में श्रमिकों ने फिर से प्रदर्शन किया।

वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- पुलिस के डंडे टूट गए लेकिन भाई का हौसला नहीं टूटा, देश में ऐसे नेता होने चाहिए, AC मैं बैठने वाले नहीं। नोएडा फेज 2 में करीब 1,000 से ज्यादा फैक्ट्री कर्मचारी वेतन, बोनस और शोषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। श्रमिक ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की शिफ्ट की मांग कर रहे थे जोहमारा संविधान ने दिया हुआ अधिकार है। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई के दौर में ₹11,000-₹13,000 की पगार में गुजारा करना असंभव है। जिसके बाद ये सब देख सकते है पुलिस कीड़े मकौड़े की तरह से जानता को मारती हैं। क्या हम कॉक्रोच है?

फेसबुकआर्काइव

अनुसंधान से पता चलता है कि…   

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल  वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो  हमें   फेसबुक पेज पर मिला। अर्पित यादव ने 1 अक्टूबर 2020 को यह वीडियो  पोस्ट किया गया है। इससे यहां साफ है कि वीडियो हाल का नहीं है।

पोस्ट करते हुए लिखा, “न डरेंगे न झुकेंगे। आज लखनऊ में। बहन हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल ज़िंदा हैं। आज लखनऊ में प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी जी के नेतृत्व में प्रदर्शन के दौरान…..गिरफ़्तार।”

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मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर वायरल वीडियो हमें  समाजवादी पार्टी के आधिकारिक फेसबुक पेज पर मिला। 

यहां पर  भी वीडियो 1 अक्टूबर 2020 को पोस्ट किया गया था। यह स्पष्ट है कि वायरल वीडियो नोएडा के हालिया घटनाक्रम से नहीं जुड़ा है। 

यह वीडियो वर्ष 2020 का है, जब सपा ने लखनऊ में हाथरस पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शन किया था।

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों ने प्रदर्शन…

दिल्ली के उपनगर नोएडा में, जहाँ 10,000 से अधिक कारखाने और सेवा इकाइयाँ हैं, सत्ताधारी दल के मन में लंबे समय से चले आ रहे डर को दूर कर देने वाले दृश्य देखने को मिले।

तीन दिन पहले शुरू हुआ और अब विभिन्न क्षेत्रों में फैल चुका यह विद्रोह हजारों श्रमिकों को सड़कों पर ले आया ।

 उनकी मांगें बुनियादी थीं: जीवन निर्वाह योग्य वेतन, आठ घंटे का कार्यदिवस और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएँ न समझे जाने के बजाय, मानव के रूप में सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना।

निष्कर्ष – तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि , हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सपा ने साल 2020 में लखनऊ में प्रदर्शन किया था। उसी से जुड़े वीडियो को अब नोएडा में अप्रैल 2026 में हुए श्रमिकों के प्रदर्शन का बताकर भ्रामक दावा किया /जा रहा है।

Result Stamp

Title: नोएडा में श्रमिकों ने फिर से नहीं किया प्रदर्शन, लाठीचार्ज का पुराना वीडियो वायरल….

Fact Check By: Sarita Samal

Result: Misleading

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