राजस्थान के उदयपुर की होली का पुराना वीडियो, भरत तिवारी मामले से फर्जी रूप में शेयर किया जा रहा है।

बिहार के भोजपुर में 17 जून को हुए भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीएम सम्राट चौधरी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें किसी जगह पर भारी संख्या में कई लोग मौजूद है जो बंदूक लहराकर हवाई फायरिंग कर रहे हैं। वायरल वीडियो में एक टेक्स्ट भी है, जिसमें लिखा है “भारत तिवारी एनकाउंटर के खिलाफ सवर्ण समाज का बारूद की होली बिहार, नया बिहार”। यह वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि सवर्ण समाज के लोगों ने भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
यूज़र ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा है…
भरत तिवारी का इन्काउन्टर हुआ तो बिहार के लोगों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया!#india #bihar #bjp
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो कीफ्रेम लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यहीं वीडियो, हार्दिक सेन नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से 16 मार्च 2025 को अपलोडेड मिला। वीडियो के साथ लिखे कैप्शन में, मेनार, होली जैसे हैशटैग मौजूद थे। साथ ही वीडियो को “बारूद की होली” बताया गया था।
इसी अकाउंट पर हमें 16 मार्च 2025 को अपलोड किया गया एक और वीडियो मिला, जिसमें वायरल वीडियो वाले दृश्य दिखाई दिए।
फिर हमें यह वीडियो udaipurcityoflakes नाम के एक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर 5 मार्च को पोस्ट किया हुआ मिला। यहां भी इसे राजस्थान के उदयपुर के मेनार गांव में बारूद की होली का ही बताया गया है। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया है, ‘मेवाड़ (उदयपुर, राजस्थान) की बारूद होली — रंगों की नहीं, शौर्य और परंपरा की सबसे अनोखी पहचान है।
और पड़ताल किए जाने पर हमें 16 मार्च 2025 को एक यूट्यूब अकाउंट पर मेनार गांव में मनाई जाने वाली होली से जुड़े वीडियो अपलोडेड मिले। इनमें दिख रहे दृश्य वायरल वीडियो से काफी मेल खा रहे थें।
16 मार्च 2025 को प्रकाशित ईटीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मेनार गांव में यह होली 15 मार्च 2025 की रात को मनाई गई थी, जिसमें रंग और फूलों की नहीं, बल्कि पटाखे और गोला-बारूद का इस्तमाल किया गया था।
अंत में हमने वायरल वीडियो की सत्यता को और अधिक जांचने के लिए udaipurcityoflakes के संचालक कमल से संपर्क किया। जिनके द्वारा फैक्ट क्रेसेंडो को यह स्पष्ट किया गया है कि, ‘यह वीडियो राजस्थान का ही है और मेनार गांव में मनाई जाने वाली बारूद की होली का है। कमल ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि यह होली हर साल इस तरह से मनाई जाती है जिसका भरत तिवारी मामले से कोई संबंध नहीं है।‘
मेनार गांव में बारूद की होली
इस बारे में हमें दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर चार महीने पहले प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि करीब 451 साल पहले मुग़ल चौकी ध्वस्त करने की ख़ुशी में उदयपुर से 45 किलोमीटर दूर उदयपुर-चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित मेनार गांव में मेनारिया ब्राह्मण समाज बारूद की होली खेलता है। इसमें हर साल होलिका दहन के 48 घंटे बाद यानी तीसरी रात (जमरा बीज) को यह आयोजन किया जाता है। वहीं रिपोर्ट में वायरल वीडियो के जैसे दृध्य देखे जा सकते हैं।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो मार्च 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है जो उदयपुर में मनाई गई बारूद की होली का है। इसका भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से कोई लेना-देना नहीं है।


