बांग्लादेश में छात्राओं के साथ छेड़खानी के आरोप में युवक की पिटाई का वीडियो, दिल्ली यूनिवर्सिटी का बताकर भ्रामक सांप्रदायिक दावा वायरल।

सोशल मीडिया पर हैरान कर देने वाले वायरल एक वीडियो में एक युवक को चप्पल से मारते हुए दिखाया गया है। जिसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली यूनिवर्सिटी का वीडियो है, जहां बांग्लादेश का एक मुस्लिम शख्स लड़कियों को लव जिहाद में फंसाने की कोशिश कर रहा था तो उसकी लड़कियों ने जूते से पिटाई कर दी। यह वीडियो फेसबुक पर इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया है….
“एक बांग्लादेशी जिहादी दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदू लड़कियों को प्रेम जिहाद के जाल में फंसाने के लिए उन्हें गलत सलाह दे रहा था, छात्राओं ने साहस दिखाते हुए जिहादी को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसे जूते से पीटा।“
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। परिणाम में हमें बांग्ला न्यूज 24 के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो मिला। यहां पर वीडियो को 26 मार्च 2026 को अपलोड किया गया था और बताया गया था कि कथित तौर पर एक छात्रा को परेशान करने के आरोप में ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आरोपी को जूतों से पीटा।
हमें अजकर पत्रिका के फेसबुक अकाउंट पर भी वायरल वीडियो से मिलती-जुलती क्लिप देखने को मिली। इसके साथ लिखे कैप्शन के अनुसार, ढाका यूनिवर्सिटी में एक बाहरी व्यक्ति से परेशान होकर छात्रों ने उसे जूतों से पीटा। यहां पर ढाका विश्वविद्यालय का हैश टैग भी दिखाई देता है।
बांग्लादेशी न्यूज आउटलेट डेली इत्तेफाक के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी वायरल वीडियो से मिलती हुई वीडियो को अपलोड किया गया है। पोस्ट में मौजूद कैप्शन के अनुसार, वीडियो को ढाका यूनिवर्सिटी में छात्रा के साथ छेड़छाड़ के बाद आरोपी को पीटे जाने का ही बताया गया।
पड़ताल में आगे हमें वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट अन्य बांग्लादेशी न्यूज वेबसाइट जागरण न्यूज और डेली इंकलाब की तरफ से प्रकाशित मिली। पता चलता है कि घटना 26 अप्रैल को ढाका यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ़ बिजनेस स्टडीज में घटी थी। जिसकी पुष्टि सहायक प्रॉक्टर अली मोहम्मद कौसर ने भी की थी। प्रॉक्टर के अनुसार, उक्त शख्स छात्राओं को देखकर अभद्र इशारे कर रहा था, तभी छात्रों ने पकड़कर उसे सामूहिक रूप से पीटना शुरू कर दिया। हालांकि बाद में उक शख्स को पुलिस को सौंप दिया गया था।

निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो से साथ किया जा रहा दावा गलत है। वास्तव में यह घटना बांग्लादेश के ढाका यूनिवर्सिटी की है, जब छेड़खानी के आरोप में छात्रों ने एक युवक को पकड़कर उसकी पिटाई की थी और उसे शाहबाग थाना पुलिस को भी सौंप दिया था। उसी घटना को दिल्ली यूनिवर्सिटी का बताकर भ्रामक सांप्रदायिक दावे से फैलाया जा रहा है।


