गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है राहुल गांधी का अधूरा वीडियो, AIADMK नहीं DMK के लिए किया था प्रचार।

तमिलनाडु में इस बार के विधानसभा चुनाव में, सत्ताधारी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन (जिसमें कांग्रेस भी शामिल है), एआईएडीएमके, एनडीए और अभिनेता विजय की नवगठित टीवीके पार्टी के बीच बहुकोणीय मुकाबला हो रहा है। 23 अप्रैल को हुई वोटिंग के बाद अब इंतज़ार 4 मई को घोषित होने वाले परिणाम का है। इसी बीच सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि उन्होंने DMK के लिए प्रचार करते हुए AIADMK की तारीफ़ कर दी। वायरल वीडियो में राहुल गांधी को एक रैली को संबोधित करते हुए दिखाया जा रहा है, जिसमें वे अंग्रेजी में कहते हैं “AIADMK ने तमिलनाडु की प्रगति में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। AIADMK में ऐसे नेता थे, जिन्होंने सचमुच तमिलनाडु के लोगों का प्रतिनिधित्व किया।” उनके कहने के बाद एक अनुवादक भीड़ के लिए तमिल में अनुवाद करता है। वीडियो में एक अनुवादक की भी आवाज सुनाई देती है जो उनके कथन को तमिल में अनुवाद करता है।
वीडियो के साथ आपत्तिजनक कैप्शन का प्रयोग किया गया है, जिसे हम नहीं दर्शा रहे हैं। पाठकों से अनुरोध है कि नीचे दर्शाये गए लिंक पर क्लीक कर के वीडियो देखें।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने पड़ताल की शुरुआत में वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में राहुल गांधी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर मूल वीडियो मिला, जिसे 20 अप्रैल 2026 को अपलोड किया गया था। इसमें राहुल गांधी को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक रैली को संबोधित करते हुए दिखाया गया है।
35:25 मिनट के वीडियो को देखने पर पता चलता है कि उसमें से 17:12 मिनट से 17:36 मिनट के बीच का हिस्सा काटकर अलग से फैला दिया गया।
वीडियो में 17:12 मिनट पर वह हिस्सा आता है जब राहुल गांधी कहते हैं, “AIADMK ने तमिलनाडु की तरक्की में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। AIADMK में ऐसे नेता थे जो सचमुच तमिलनाडु के लोगों का प्रतिनिधित्व करते थे। लेकिन आज AIADMK एक खोखला ढांचा बनकर रह गई है। अब यह BJP के लिए तमिलनाडु में घुसने का एक ज़रिया बन गई है। AIADMK के नेतृत्व ने अपने भ्रष्टाचार की वजह से BJP के सामने घुटने टेक दिए हैं। और RSS तमिलनाडु पर परोक्ष रूप से राज करने की योजना बना रही है, कोशिश कर रही है। जिस तरह डोनाल्ड ट्रंप भारत के प्रधानमंत्री को नियंत्रित करते हैं, उसी तरह भारत के प्रधानमंत्री AIADMK के ज़रिए तमिलनाडु को नियंत्रित करना चाहते हैं। और DMK, कांग्रेस पार्टी और हमारा गठबंधन RSS से तमिल भाषा, तमिल संस्कृति और तमिल इतिहास की रक्षा कर रहे हैं।”
यानी यहां पर स्पष्ट है कि गांधी ने AIADMK के पिछले नेतृत्व की तारीफ़ की थी और उसकी मौजूदा स्थिति तथा BJP के साथ उसके गठबंधन पर उन्होंने आलोचना की थी। जिस हिस्से में उन्होंने AIADMK के पिछले नेतृत्व की तारीफ़ की, उसे ही बिना किसी संदर्भ के शेयर कर दिया गया।
आगे हमें वायरल दावे के संदर्भ में इकोनॉमिक टाइम्स की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट मिली। इसे 20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने तमिलनाडु में चुनावी सभा को संबोधित किया था। यहां पर हमें वह हिस्सा भी मिला, जो वायरल वीडियो में मौजूद है। राहुल गांधी के हवाले से अंग्रेजी में लिखा गया था, “एआईएडीएमके ने तमिलनाडु की प्रगति में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और उसके पास ऐसे नेता थे जो वास्तव में वहां की जनता का प्रतिनिधित्व करते थे। आज यह पार्टी खोखली पड़ चुकी है और भाजपा के हाथों की कठपुतली बनकर रह गई है। भ्रष्टाचार के कारण इसका नेतृत्व आत्मसमर्पण कर चुका है।”
इसलिए हम कह सकते हैं कि उनका वायरल वीडियो आधा-अधूरा है, जिसे शेयर कर झूठ फैलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है। असल में, उनका पूरा भाषण एआईएडीएमके और भाजपा की आलोचना पर ही केंद्रित था, लेकिन वीडियो को काट इस तरह पेश किया गया, जिससे उनकी बात का अर्थ पूरी तरह बदल गया। ऐसा दर्शया गया जैसे वो DMK के लिए AIADMK के लिए प्रचार कर रहें हो।


